आपके घर में बनी बिजली जाएगी पावर ग्रिड को
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अब तक ग्रिड से घरों तक बिजली पहुंचाने की व्यवस्था है। जम्मू कश्मीर इनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी ने सौर ऊर्जा के बूते इस क्रम को उलटा कर बिजली उपभोक्ताओं और बिजली विभाग दोनों की मुश्किलें कम करने की योजना बनाई है।
ऑन ग्रिड रूफटॉप सोलर प्लांट योजना का मसौदा तैयार कर मंजूरी के लिए भेज दिया है। यदि मंजूरी मिलती है तो घरों में बिजली लोड को कम करना मुमकिन हो सकेगा। यही नहीं सौर ऊर्जा उपकरण से तैयार बिजली यदि घरों में खर्च नहीं होती है तो अतिरिक्त बची बिजली सीधा ग्रिड में चली जाएगी।
जम्मू कश्मीर इनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी द्वारा तैयार किए मसौदे में जो फार्मूला सुझाया गया है, उसमें बिजली उपभोक्ताओं और बिजली विभाग की दिक्कतों को ध्यान में रखा गया है। योजना के अनुसार घरेलू अथवा सरकारी इमारतों की छतों पर सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे।
पावर प्लांट स्थापित करने के लिए 70 फीसदी सब्सिडी सरकार देगी
इन दोनों श्रेणी में पावर प्लांट स्थापित करने के लिए 70 फीसदी सब्सिडी सरकार द्वारा दी जाएगी। कामर्शियल इस्तेमाल की इमारत पर प्लांट को 30 फीसदी सब्सिडी देने का प्रावधान है। वर्तमान में जो भी सोलर प्लांट लगे हैं, वे ऑफ ग्रिड हैं, लेकिन योजना में आन ग्रिड प्लांट लगाए जाएंगे।
किसी भी घर अथवा अन्य इमारत के नाम से जो लोड बिजली विभाग के पास दर्ज है, उसके पचास फीसदी लोड क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगाया जा सकेगा। सबसे खास बात है कि आन ग्रिड पावर प्लांट को नेट मीटरिंग सिस्टम से बिजली विभाग के ग्रिड के साथ जोड़ा जाएगा।
सोलर प्लांट से तैयार होने वाली बिजली का जो हिस्सा इस्तेमाल नहीं होगा, वह सीधा ग्रिड में चला जाएगा। बिजली विभाग इस अतिरिक्त बिजली के यूनिट गिनकर हर महीने जारी होने वाले बिल में एडजस्ट करेगा।
जम्मू कश्मीर इनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी के डिप्टी चीफ एक्जीक्यूटिव अफसर डा. पीआर धर का कहना है कि योजना का मसौदा सरकार को भेज दिया गया है। मंजूरी मिलने पर मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रिन्यूएबल इनर्जी के सहयोग से इसे रियासत में लागू कर दिया जाएगा। वर्ष 2022 तक राज्य में इस योजना से 450 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य प्रस्तावित किया गया है।