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Jammu News: प्रशासन ने 2500 कनाल भूमि कब्जे में ली
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अखनूर। ब्लाॅक में प्रशासन ने सरकारी, घास चराई और रोशनी एक्ट की 2500 कनाल भूमि को शनिवार को कब्जे में लिया है, जबकि क्षेत्र के पंचायतों में सरकारी और घास चराई भूमि को खाली करवाने के लिए चिंह्नित किया है।
अखनूर ब्लाॅक की पंचायत सुंगल, अंबारां, टरगवाल, टांडा, सोहल, पलबां, भारदा सहित अन्य पंचायतों में एक सप्ताह से राजस्व विभाग के तहसीलदार सुरेंद्र सिंह की अगुवाई में टीम में पुलिस कर्मी भी शामिल थे। सयुंक्त कार्रवाई करते हुए खाली पड़ी पच्चीस सौ कनाल भूमि पर सरकारी भूमि होने का बोर्ड लगाया, और किसी को कब्जा नहीं करने के चेतावनी बोर्ड भी लगाए।
वहीं क्षेत्र की कई पंचायतों में राजस्व विभाग ने सरकारी, घास चराई सैकड़ों कनाल भूमि की पहचान की है, जो शीघ्र ही कार्रवाई करके खाली कराई जाएगी।
प्रथम चरण में प्रशासन द्वारा क्षेत्र में खुली पड़ी सरकारी और घास चराई भूमि को कब्जे में लिया जा रहा है। इसके उपरांत एक व्यक्ति द्वारा कई कनाल भूमि पर कब्जा करने वाले पर कार्रवाई करके छुड़ाया जाएगा। इसके बाद रोशनी एक्ट के तहत लोगों द्वारा कब्जा किया। भूमि मुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी, हालांकि उपराज्यपाल गवर्नर मनोज सिन्हा ने गरीब परिवार द्वारा कब्जा भूमि पर किसी प्रकार की कार्रवाई से मना किया है। तहसीलदार सुरेंद्र सिंह ने बताया कि क्षेत्र में 2500 कनाल सरकारी और घास चराई भूमि को कब्जे में लिया गया है।
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अखनूर ब्लाॅक की पंचायत सुंगल, अंबारां, टरगवाल, टांडा, सोहल, पलबां, भारदा सहित अन्य पंचायतों में एक सप्ताह से राजस्व विभाग के तहसीलदार सुरेंद्र सिंह की अगुवाई में टीम में पुलिस कर्मी भी शामिल थे। सयुंक्त कार्रवाई करते हुए खाली पड़ी पच्चीस सौ कनाल भूमि पर सरकारी भूमि होने का बोर्ड लगाया, और किसी को कब्जा नहीं करने के चेतावनी बोर्ड भी लगाए।
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वहीं क्षेत्र की कई पंचायतों में राजस्व विभाग ने सरकारी, घास चराई सैकड़ों कनाल भूमि की पहचान की है, जो शीघ्र ही कार्रवाई करके खाली कराई जाएगी।
प्रथम चरण में प्रशासन द्वारा क्षेत्र में खुली पड़ी सरकारी और घास चराई भूमि को कब्जे में लिया जा रहा है। इसके उपरांत एक व्यक्ति द्वारा कई कनाल भूमि पर कब्जा करने वाले पर कार्रवाई करके छुड़ाया जाएगा। इसके बाद रोशनी एक्ट के तहत लोगों द्वारा कब्जा किया। भूमि मुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी, हालांकि उपराज्यपाल गवर्नर मनोज सिन्हा ने गरीब परिवार द्वारा कब्जा भूमि पर किसी प्रकार की कार्रवाई से मना किया है। तहसीलदार सुरेंद्र सिंह ने बताया कि क्षेत्र में 2500 कनाल सरकारी और घास चराई भूमि को कब्जे में लिया गया है।
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