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जम्मू-कश्मीर के सोपोर में सुरक्षाबलों और आतंकियों में मुठभेड़, दो दहशतगर्द ढेर
Thu, 30 May 2019 04:01 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
Published by: Pranjal Dixit
Updated Thu, 30 May 2019 04:01 PM IST
सार
- पांच घंटे से अधिक समय तक चले तलाशी अभियान के बाद हुई मुठभेड़
- हिंसा की आशंका में स्कूल-कालेज बंद, मोबाइल इंटरनेट सेवा ठप
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सेना (फाइल)
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
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विस्तार
उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में सुरक्षाबलों ने वीरवार को लश्कर ए ताइबा के दो स्थानीय आतंकियों को मार गिराया। इनके पास से दो एके 47 राइफल तथा 6 मैगजीन बरामद किए गए हैं। पांच घंटे से अधिक समय तक चले तलाशी अभियान के दौरान घेरा सख्त होने पर मुठभेड़ शुरू हुई। हिंसा की आशंका में पूरे इलाके में मोबाइल इंटरनेट सेवा ठप कर दी गई। साथ ही सोपोर और जैनगीर इलाके में पड़ने वाले सभी हायर सेकेंडरी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए।
आतंकियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर सेना की 22 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), सीआरपीएफ और एसओजी के जवानों द्वारा सोपोर के डांगरपोरा इलाके के बुनपोरा मोहल्ला की घेराबंदी की गई। जानकारी मिली थी कि इलाके में दो से तीन आतंकी छिपे हुए हैं। सुबह करीब सात बजे घर-घर तलाशी अभियान शुरू किया गया।
घेरा सख्त कर सुरक्षाबलों ने उस मकान की ओर वार्निंग शॉट्स दागे जहां आतंकी छिपे हुए थे। इस पर आतंकियों ने भी फायरिंग शुरू की। जवाबी कार्रवाई से मुठभेड़ शुरू हो गई। पुलिस के अनुसार आपरेशन में दो आतंकियों को मार गिराने में सफलता मिली। इनकी शिनाख्त नसीर अहमद मीर उर्फ तौसीफ (शालपोरा, ब्रथ कलां-सोपोर) व आसिफ अहमद वार (आफताब मोहल्ला, वारपोरा-सोपोर) के रूप में हुई है।
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दोनों कई हमलों में थे शामिल
सूत्रों के अनुसार नसीर 17 नवंबर 2017 से सक्रिय था। आसिफ दो फरवरी 2019 से लापता था। पुलिस के अनुसार दोनों सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले तथा नागरिकों की हत्या के कई मामलों में शामिल थे।
मुठभेड़ स्थल पर न जाएं
पुलिस ने फिलहाल मुठभेड़ स्थल की ओर न जाने की लोगों की सलाह दी है। उन्होनेकहा है कि पुलिस जब तक इलाके को सुरक्षित घोषित न करे तब तक वहां न जाएं क्योंकि वहां विस्फोटक या फिर कुछ ओर बारूद हो सकता है जो न फटा हो।
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आतंकियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर सेना की 22 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), सीआरपीएफ और एसओजी के जवानों द्वारा सोपोर के डांगरपोरा इलाके के बुनपोरा मोहल्ला की घेराबंदी की गई। जानकारी मिली थी कि इलाके में दो से तीन आतंकी छिपे हुए हैं। सुबह करीब सात बजे घर-घर तलाशी अभियान शुरू किया गया।
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घेरा सख्त कर सुरक्षाबलों ने उस मकान की ओर वार्निंग शॉट्स दागे जहां आतंकी छिपे हुए थे। इस पर आतंकियों ने भी फायरिंग शुरू की। जवाबी कार्रवाई से मुठभेड़ शुरू हो गई। पुलिस के अनुसार आपरेशन में दो आतंकियों को मार गिराने में सफलता मिली। इनकी शिनाख्त नसीर अहमद मीर उर्फ तौसीफ (शालपोरा, ब्रथ कलां-सोपोर) व आसिफ अहमद वार (आफताब मोहल्ला, वारपोरा-सोपोर) के रूप में हुई है।
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दोनों कई हमलों में थे शामिल
सूत्रों के अनुसार नसीर 17 नवंबर 2017 से सक्रिय था। आसिफ दो फरवरी 2019 से लापता था। पुलिस के अनुसार दोनों सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले तथा नागरिकों की हत्या के कई मामलों में शामिल थे।
मुठभेड़ स्थल पर न जाएं
पुलिस ने फिलहाल मुठभेड़ स्थल की ओर न जाने की लोगों की सलाह दी है। उन्होनेकहा है कि पुलिस जब तक इलाके को सुरक्षित घोषित न करे तब तक वहां न जाएं क्योंकि वहां विस्फोटक या फिर कुछ ओर बारूद हो सकता है जो न फटा हो।