Encounter: आतंकियों के सफाये का अभियान तेज, जम्मू में एक ही दिन में दो मुठभेड़; सुरक्षाबलों ने घेरा पूरा इलाका
सुरक्षाबलों को बसंतगढ़ में तीन से चार आंतकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। सेना और पुलिस की संयुक्ति टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। फिलहाल दोनों ओर से गोलीबारी जारी है।
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स्वतंत्रता दिवस से पहले जम्मू संभाग में रविवार को एक ही दिन उधमपुर व किश्तवाड़ में आतंकियों से मुठभेड़ हुई। सुरक्षा बलों ने दोनों जगहों पर पूरे इलाके को घेर रखा है ताकि आतंकियों का सफाया किया जा सके। इस बीच जम्मू में उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि अगले तीन महीने में जम्मू संभाग से आतंकियों का सफाया कर दिया जाएगा। जंगलों में छिपे आतंकियों को मार गिराने के लिए ठोस कार्रवाई रणनीति तैयार है। दोबारा से जंगलों में सुरक्षाबलों की तैनाती की जा रही है।
रविवार की देर रात उधमपुर के बसंतगढ़ इलाके के खनेड़ में आतंकियों से मुठभेड़ हुई। पुलिस के अनुसार चार दिन पहले खनेड़ में मुठभेड़ के बाद भाग निकले आतंकियों का सुरक्षा बल लगातार पीछा कर रहे थे। रविवार की रात दोबारा आतंकियों से संपर्क हुआ। इससे मुठभेड़ शुरू हो गई। पहाड़ों पर धुंध तथा अंधेरे की वजह से सुरक्षा बलों की ओर से सतर्कता बरतते हुए अभियान चलाया जा रहा है। मौके पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भेजा गया है।
इससे पहले किश्तवाड़ शहर से 40 किलोमीटर दूर किश्तवाड़-पाडर मार्ग पर नवनटु में तैनात सुरक्षाबलों पर शनिवार रात 10 बजे आतंकियों ने गोलीबारी कर दी। जवानों ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए सुबह तक रुक-रुककर गोलीबारी की। हमले में कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन सुबह 5 बजे से 11 बजे तक मचैल माता यात्रा को छह घंटे तक रोकना पड़ा। दोपहर बाद मचैल माता यात्रा को फिर से चालू कर दिया गया। आतंकियों की तलाश में सुरक्षाबलों ने सुबह तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान गोलियों के खोखे भी मिले हैं। हमले की सूचना के बाद एसएसपी सहित सैन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। किश्तवाड़ और गुलाबगढ़ दोनों तरफ वाहनों को आने-जाने की इजाजत नहीं मिली। जिला प्रशासन की तरफ से सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकियों को भेज रहा: एलजी
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति को अस्थिर करने के लिए अत्यधिक विदेशी प्रशिक्षित आतंकवादियों को भेज रहा है। पड़ोसी देश के नापाक इरादों को विफल करने के लिए एक रणनीति तैयार की गई है और सुरक्षा बलों को फिर से तैनात किया जा रहा है। अगले तीन महीनों में स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा। जम्मू में एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर पिछली आतंकी वारदातें दुखद हैं। भविष्य में इन घटनाओं को निश्चित रूप से नियंत्रित किया जाएगा। सुरक्षा बलों ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है और आतंकी घटनाओं से निपटने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने रणनीति की समीक्षा की है। मुझे लगता है कि आने वाले दिनों में क्षेत्र में बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।
पाकिस्तानी सेना के विशेष सेवा समूह (एसएसजी) द्वारा प्रशिक्षित लोगों को जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कराकर यहां आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के दावों के बारे में पूछे जाने पर सिन्हा ने स्वीकार किया कि उच्च प्रशिक्षित विदेशी आतंकवादी इस क्षेत्र में घुसपैठ कर चुके हैं। यह एक संवेदनशील मुद्दा है। सभी बातों को सार्वजनिक रूप से बताना जरूरी नहीं है।
अनंतनाग में आतंकियों के खिलाफ अभियान जारी, 3-4 आतंकियों का ग्रुप मौजूद
दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में मुठभेड़ रविवार को दूसरे दिन भी जारी रही। आतंकियों की तलाश में पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। माना जा रहा है कि यह 3-4 आतंकियों का दल है। इस बीच मुठभेड़ के दौरान फायरिंग में घायल एक नागरिक की इलाज के दौरान मौत हो गई। बलिदानी दो जवानों को सेना ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा है कि उनकी शहादत को याद रखा जाएगा।
आईजीपी कश्मीर वीके बिर्दी ने बताया कि जिले के कोकरनाग के ऊपरी इलाके गग्गर-मांडू में ऑपरेशन जारी है। सुरक्षा बलों को सूचना मिली थी कि ऊपरी इलाके में आतंकी मौजूद हैं। इस आधार पर तलाशी अभियान चलाया गया। घेरा सख्त होने पर छिपे आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। शुरुआती फायरिंग में घायल जवानों की पहचान हवलदार दीपक कुमार यादव व लांस नायक परवीन शर्मा के रूप में हुई है। फायरिंग में घायल दो नागरिकों में अब्दुल राशिद डार की इलाज के दौरान रविवार को मौत हो गई। दूसरे घायल नागरिक की हालत स्थिर है।
भौगोलिक परिस्थितियां बन रही चुनौती
मुठभेड़ शुरू होते ही अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मौके पर भेजा गया। पूरे इलाके की घेराबंदी कर रखी गई है ताकि आतंकी भाग न निकलें। अनंतनाग से सटे किश्तवाड़ के इलाके में भी घेराबंदी कड़ी रखी गई है। दस हजार फुट की ऊंचाई तथा भौगोलिक चुनौतियों वाला इलाका होने के कारण ऑपरेशन चलाने में परेशानी आ रही है। सुरक्षा बल अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं ताकि किसी प्रकार का नुकसान न होने पाए।
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