भाग रहे आतंकियों को सेना ने घेरा, कर्नल समेत तीन घायल
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उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले की एलओसी के पास मंगलवार को एक बार फिर आतंकियों और सेना के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई है। इस मुठभेड़ में एक 41 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर संतोष घायल हो गए हैं।
इसके अलावा एक अन्य जवान की पहचान मजलून अहमद के रूप में हुई है, वह 41 राष्ट्रीय राइफल्स के साथ जुड़ा हुआ था। घायलों को दुर्गमुल्ला स्थित आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
जहां उसका इलाज चल रहा है। एसपी कुपवाड़ा ने एजाज बट ने बताया कि मुठभेड़ में सेना और एसओजी ने सोमवार को आतंकियों को घेर लिया था।
लेकिन सोमवार की रात लश्कर-ए-तैय्यबा के आतंकी सेना से बचते हुए जंगलों में पहुंच गए थे। मंगलवार को आतंकियों के जंगलों में होने की सूचना पर ही सेना पीछा करते हुए पहुंची और मुठभेड़ शुरू हो गई।
घुसपैठ करने में कामयाब रहे थे आतंकी
गौरतलब है कि सेना की 41 राष्ट्रीय रायफल और चार पैरा ने शुक्रवार को एलओसी के करीब हयहामा गांव में आतंकियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर ऑपरेशन शुरू किया था लेकिन आतंकी वहां से सेना को चकमा देकर फरार हो गए थे।
जिसके बाद से ऑपरेशन लगातार जारी था। सूत्रों के अनुसार सोमवार शाम सेना ने कुमकाडी के करीब बेहक जंगल क्षेत्र में आतंकियों को इंटरसेप्ट करने की कोशिश की। नतीजतन एक बार फिर से सुरक्षा बलों और आतंकियों में मुठभेड़ शुरू हो गई।
जिसके बाद मंगलवार को मुठभेड़ में 41 आरआर के कमांडिंग ऑफिसर और दो जवान घायल हो गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार आतंकियों का यह ग्रुप 30 से 31 अक्तूबर के दरमियान रात घुसपैठ करने में कामयाब हुआ था।
लेकिन भारी बर्फबारी और बारिश के चलते आतंकी पहाड़ी जंगल क्षेत्र में फंस गए। वहीं आपरेशन में शुक्रवार को भी सेना के दो जवान भी घायल हुए थे।