{"_id":"5d3372158ebc3e6c961a0773","slug":"electric-wire-collapsed-at-home-rspura-news-jmu189755067","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीमांत गांव घराना में बिजली की तारे टूटने पर ग्रामीण परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीमांत गांव घराना में बिजली की तारे टूटने पर ग्रामीण परेशान
विज्ञापन
सीमांत गांव घराना में एक घर में गिरी पडी टूटी बिजली की तारे
- फोटो : RSPURA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आरएस पुरा। पंचायत घराना में शुक्रवार की रात को एक परिवार सो रहा था, तभी घर के परिसर में तार टूट कर गिर पड़ा। परिवार के लोग बाल-बाल बचे। यह घटना यदि दिन में होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। आए दिन पंचायत में जर्जर हो चुके तार टूटने की घटनाएं होती रहती हैं। बार-बार शिकायत करने के बावजूद बिजली विभाग इसे बदलने पर गंभीर नहीं है।
गांव में वर्षों पुराने बिजली के तार टूटने से सुचारु रूप से बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे ग्रामीण परेशान हैं। आए दिन तार टूट कर कभी किसी गली में तो कभी घरों पर गिरते रहते हैं। हमेशा खतरे का अंदेशा बना रहता है। पंचायत के सरपंच गुरुदयाल सिंह मजोत्रा ने कहा कि इस संबंध में बिजली विभाग के एक्सईएन को लिखत में शिकायत दी लेकिन पुराने तारों को बदला नहीं जा रहा है। एक्सईएन फंड नहीं होने की बात करते हैं।
सरपंच का कहना है कि एक ओर राज्य सरकार द्वारा बैक टू विलेज कार्यक्रम का आयोजन कर ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाने की बात करते हैं और दूसरी तरफ घरों में बिजली के तारे टूट कर गिरते हैं। गांव के गारा राम, पंच देवराज, पंच लक्की कुमार, पंच सुखदेव राज, मोहन सिंह, दिलीप सिंह, रूप लाल, देवराज, अशोक कुमार, रमेश लाल आदि ने कहा कि न जाने कब बिजली के तारे टूट जाए कोई पता नहीं चलता।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती ग्रामीणों को कभी पाकिस्तानी गोलाबारी के चलते भी तार टूटने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर शीघ्र तार नहीं बदले गए तो सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। इसके लिए सरकार और बिजली विभाग की गलत नीतियां जिम्मेवार होगी।
विज्ञापन
गांव में वर्षों पुराने बिजली के तार टूटने से सुचारु रूप से बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे ग्रामीण परेशान हैं। आए दिन तार टूट कर कभी किसी गली में तो कभी घरों पर गिरते रहते हैं। हमेशा खतरे का अंदेशा बना रहता है। पंचायत के सरपंच गुरुदयाल सिंह मजोत्रा ने कहा कि इस संबंध में बिजली विभाग के एक्सईएन को लिखत में शिकायत दी लेकिन पुराने तारों को बदला नहीं जा रहा है। एक्सईएन फंड नहीं होने की बात करते हैं।
विज्ञापन
सरपंच का कहना है कि एक ओर राज्य सरकार द्वारा बैक टू विलेज कार्यक्रम का आयोजन कर ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाने की बात करते हैं और दूसरी तरफ घरों में बिजली के तारे टूट कर गिरते हैं। गांव के गारा राम, पंच देवराज, पंच लक्की कुमार, पंच सुखदेव राज, मोहन सिंह, दिलीप सिंह, रूप लाल, देवराज, अशोक कुमार, रमेश लाल आदि ने कहा कि न जाने कब बिजली के तारे टूट जाए कोई पता नहीं चलता।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती ग्रामीणों को कभी पाकिस्तानी गोलाबारी के चलते भी तार टूटने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर शीघ्र तार नहीं बदले गए तो सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। इसके लिए सरकार और बिजली विभाग की गलत नीतियां जिम्मेवार होगी।