J&K: चुनाव आयोग की ऑडिट रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, कुछ दलों को मिला मोटा चंदा... फिर भी दिखाया शून्य बजट
निर्वाचन विभाग की ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जम्मू-कश्मीर के कई छोटे राजनीतिक दलों ने लाखों रुपये चंदा मिलने के बावजूद चुनाव में शून्य खर्च की जानकारी दी। कुछ दल बिना खर्च के चुनाव लड़कर बड़े दलों के समीकरण बिगाड़ने में सफल रहे।
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में उतरे 35 छोटे राजनीतिक दलों की बैलेंस शीट निर्वाचन विभाग ने सार्वजनिक कर दी है। विधानसभा चुनाव के करीब छह माह बाद सामने आई इस ऑडिट रिपोर्ट में इन राजनीतिक दलों को मिले चंदे और उनके खर्च की जानकारी शामिल है।
इनमें से कुछ राजनीतिक दल ऐसे भी हैं जो बिना पैसे खर्च किए बड़े-बड़े दलों के लिए सिरदर्द बने रहे, तो इन दलों में से कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें चंदे के रूप 20 हजार रुपये से ज्यादा की धनराशि मिली है। लेकिन वोट नोटा से भी कम रह गए। अब राजनीतिक दलों का यह बहीखाता निर्वाचन विभाग के पास है।
जम्मू-कश्मीर में सक्रिय 35 छोटे दलों में से 17 ने बीते विधानसभा चुनाव में हिस्सा लिया है। इनमें से पांच राजनीतिक दल ऐसे हैं जिन्हें चंदे के रूप में लाखों रुपये हासिल हुए हैं। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद की पार्टी डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी भी शामिल है।
आजाद पार्टी ने अपने खर्च और आय में सबसे बड़े आंकड़े का जिक्र किया है। आजाद पार्टी ने 23 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे और इनके प्रचार पर 34 लाख 32 हजार 500 रुपये खर्च कर दिए। इस अवधि के दौरान आजाद पार्टी को चंदे के रूप में छह लाख 32 हजार 300 रुपये हासिल हुए हैं। हालांकि चुनाव के बाद आजाद पार्टी ने अपनी कार्यकारिणी को भंग कर दिया है।
इन 13 राजनीतिक दलों ने अपनी बैलेंस शीट में खर्च और चंदा दोनों शून्य बताया
आल इंडिया मजदूर पार्टी, नेचर मैनकाइंड फ्रेंडली ग्लोबल पार्टी, एफआरसीई, जेकेएएनसी, जम्मू-कश्मीर पिपुल्स कॉन्फ्रेंस, जम्मू-कश्मीर पीर-पंजाल आवामी पार्टी, केडीएफ, गरीब डेमोक्रेटिक पार्टी, सोशल मूवमेंट पार्टी, हक इंसाफ पार्टी, जेकेपीएम, एनएयूपी, अपनी पार्टी शामिल है। इन पार्टियों ने निर्वाचन विभाग को सौंपी बैलेंस शीट में अपना बजट और चंदा शून्य बताया है।
कई विधानसभा क्षेत्रों में जीत-हार का अंतर रहा एक हजार से भी कम
सात सीटों पर एक हजार से कम अंतरविधानसभा चुनाव में 17 राजनीतिक दलों ने 24 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल किए हैं। इससे कई बड़े राजनीतिक दलों का समीकरण बिगड़ गया। जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव परिणाम में कोई भी राजनीतिक दल स्पष्ट बहुमत हासिल नहीं कर पाया।
प्रदेश में पांच विधानसभा सीटें ऐसी थी जिनमें हार या जीत का अंतर एक हजार से कम रहा था। इनमें त्राल में 460, किश्तवाड़ 521, हंदवाड़ा में 662, पट्टन 603, इंदवाल 643, बांदीपोरा 811 और देवसर में 840 वोट के अंतर से जीत या हार का फैसला हुआ था।
विभाग ने सार्वजनिक की है बैलेंस शीटराजनीतिक दलों को अपनी बैलेंस शीट निर्वाचन विभाग को भेजनी होती है। इसमें खर्च और उन्हें हासिल होने वाले चंदे का हिसाब सार्वजनिक करना होता है। निर्वाचन विभाग ने 35 दलों की बैलेंस शीट को अपनी बेवसाइट के माध्यम से सार्वजनिक कर दिया है ताकि लोग इसे देख सकें। संजीव वर्मा, सीईओ