नहर किनारे मिले टैंक के जिंदा बम
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कस्बे के गांव रतिया के पास शुक्रवार सुबह ग्रामीणों द्वारा नहर किनारे झाड़ियों में आठ जिंदा बम मिले। बम की सूचना से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना मीरां साहिब पुलिस को दी।
पुलिस ने उस जगह की घेराबंदी कर लोगों को वहां जाने से रोक दिया। बाद में पुलिस ने बम स्कवॉयड का दस्ता बुलाकर बमों की जांच की। जिसमें पता चला कि बरामद बम 84 एमएम टीपीटी एंटी टैंक राकेट लांचर हैं।
जो वर्ष 1965 में बने थे। सेना द्वारा इन्हें ट्रेनिंग के दौरान इस्तमाल किया जाता है। इन पर 0/4/11 लिखा होने के साथ टीपीटी एमएफजी 50 लिखा हुआ था।
नहर की सफाई में बाहर निकले बम
बाद में सेना व सीमा सुरक्षाबल के बम स्कवॉयड दस्ते के अधिकारियों ने गांव पहुंचकर मिले एंटी माईन राकेट की जांच की तो पता चला कि सभी सैल जिंदा हैं। जिन्हें बाद में दस्ते ने निष्क्रिय कर दिया।
मौके पर पहुंचे अधिकारियों का कहना था कि हो सकता है कि किसी ने इन्हें नहर में फेंक दिया हो और नहर की सफाई करने पर जेसीबी द्वारा सिल्ट निकालते समय ये बाहर आ गए हों।
वहीं एक साथ आठ सैल मिलने पर सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। मामले की तह तक जाने के लिए एजेंसियों ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है।
आठ माह पूर्व भी भारी मात्रा में मिली थी गोलियां
आठ माह पूर्व भी उक्त स्थान पर नहर में नहाते समय बच्चों को नहर से काफी संख्या में जिंदा गोलियां मिली थीं। जिन्हें गांव के सरपंच मदन लाल शर्मा द्वारा मीरां साहिब पुलिस को सौंप दिया गया था।
वहीं शुक्रवार को शैल मिलने पर गांव के लोगों में हड़कंप मच गया। मौके पर काफी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई।