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ग्यारह माह वाद खुले स्कूल लोटी रोनक

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सरकारी मिडिल स्कूल में खुले मे वैठ वच्चे शिक्षा प्राप्त करते हुए - फोटो : RSPURA
आरएस पुरा / मीरां साहिब। उपजिले में सेमवार को स्कूलों में रौनक लौट आई। पहले दिन ही काफी संख्या में विद्यार्थी पहुंचे। आरएस पुरा व मीरां साहिब जोन में कई सरकारी स्कूलों में पहले शिक्षा सफेदी कराए जाने के साथ कक्षा भी साफ कराई गई। इसी प्रकार कई गैर सरकारी स्कूलों में प्रशासन की ओर से जारी किए निर्देश का स्कूल प्रबंधन की ओर से विशेष प्रबंध किया गया।
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हर कक्षा में सैनिटाइजर रखा होने पर विद्यार्थियों ने प्रयोग में लाया। कई सरकारी स्कूलों में थर्मल स्क्रीनिंग मशीन नहीं होने पर बच्चों को कक्षाओं में जरूरी दूरी बनाकर रखी गई। सुबह स्कूलों में प्रार्थना के समय स्कूल में नियुक्त शिक्षकों ने बच्चों को कोराना को देखते हुए मास्क लगाए जाने व नियमों का विशेष ध्यान रखे जाने का निर्देश दिया। पहले दिन स्कूलों में बच्चो को दोपहर को मिड-डे मील के अंतर्गत भोजन भी दिया गया। कई गैर सरकारी स्कूलों में स्कूल पहुंचने वाले विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग करने के बाद स्कूल प्रबंधन की ओर से बच्चों के माथे पर तिलक लगा स्वागत किया।
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कस्बे के डोगरा पब्लिक स्कूल के चेयरमैन किशोर कुमार शर्मा ने कहा कि पहले दिन काफी कम संख्या में बच्चे स्कूल पहुंचे पर आनेवाले दिनों में सभी बच्चे स्कूल में पहुंच सिलेबस के मुताबिक अपनी पढ़ाई करेंगे। सरकारी मिडिल स्कूल कृष्णा नगर में सातवीं कक्षा के अमन ने कहा कि लगभग एक वर्ष वाद स्कूल में पहुंच अपने सहपाठियों से मिलकर काफी अच्छा लगा। इसी प्रकार कक्षा आठ की पलक डोगरा का कहना है कि आनलाइन पढ़ाई करना काफी मुश्किल था। इसका कारण 4जी का नेटवर्क नहीं होना था। अब आने वाले दिनों में वार्षिक परीक्षा के लिए तैयारी करना पहले से बेहतर रहेगा। आरएस पुरा के सरकारी सीटी मिडिल स्कूल में पहुंची शारदा, वंदना, काजल का कहना है कि कोरोना महामारी के चलते ग्यारह माह तक घरों में ही रहना काफी मुश्किल था।
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गैर सरकारी स्कूल में बच्चों को वैन में लेकर आए चालक राजेश कुमार ने कहा कि कोराना महमारी के चलते स्कूल बंद होने पर आया का साधन नहीं रहने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अब स्कूल खुलने पर कुछ हद तक राहत मिली है। स्कूल में नियुक्त शिक्षक यशपाल का कहना है कि पहले कोविड़- 19 के चलते उपचार की व्यवस्था नहीं थी अब वैक्सीन उपलब्ध होने पर राहत मिली है। उन्होंने कहा कि अभी भी कोराना महामारी पूरी तरी खत्म नहीं हुई, जिसके चलते बच्चों व उनके अभिभावकों को विशेष ध्यान रखना चाहिए।
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