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Jammu News: छात्रों और शिक्षकों को ट्रंप के टैरिफ नीतियों की जानकारी दी
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विजयपुर। केंद्रीय विश्वविद्यालय ने पंडित मालवीय शिक्षा भवन में शिक्षा शास्त्रार्थ नामक शैक्षणिक मंच के अंतर्गत “ट्रंप के टैरिफ के आर्थिक परिणाम: एक वैश्विक और भारतीय परिप्रेक्ष्य” शीर्षक से पैनल चर्चा का आयोजन किया।
यह कार्यक्रम कुलपति प्रो. संजीव जैन के संरक्षण में आयोजित किया गया था। इसमें 21वीं सदी की सबसे चर्चित आर्थिक नीतियों में से एक के साथ विचारोत्तेजक जुड़ाव के लिए शिक्षाविदों, संकाय सदस्यों, विद्वानों और छात्रों को एक साथ लाया गया। विभागाध्यक्ष प्रो. असित के. मंत्री ने औपचारिक स्वागत और विषय का प्रासंगिक परिचय दिया। उन्होंने शिक्षा शास्त्रार्थ मंच के महत्व को अकादमिक संवाद और आलोचनात्मक जुड़ाव के लिए एक सार्थक स्थान के रूप में रेखांकित किया। प्रो. मंत्री ने वैश्विक व्यापार गतिशीलता पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों के बहुमुखी प्रभावों पर भी ध्यान केंद्रित किया। इसमें भारतीय अर्थव्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया। पैनल चर्चा की अध्यक्षता विभाग के एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद प्रो. जेएन बलिया ने की। प्रो. बलिया ने संरक्षणवादी नीतियों की ओर वैश्विक बदलाव और भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए उनके प्रभावों को संदर्भित करके पैनल के लिए विषयगत स्वर निर्धारित किया। पैनल में विविध शैक्षणिक विषयों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ प्रो. अश्विनी नंदा, अर्थशास्त्र विभाग, प्रो. सुरम सिंह, भौतिकी विभाग और डॉ. रंजीत रमन, टीटीएम विभाग थे। डॉ. रंजीत रमन ने आरंभिक वक्तव्य दिया, जिसमें वैश्विक परिप्रेक्ष्य पर नज़र डालने से पहले भारतीय संदर्भ में टैरिफ़ के परिणामों की खोज की गई।
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यह कार्यक्रम कुलपति प्रो. संजीव जैन के संरक्षण में आयोजित किया गया था। इसमें 21वीं सदी की सबसे चर्चित आर्थिक नीतियों में से एक के साथ विचारोत्तेजक जुड़ाव के लिए शिक्षाविदों, संकाय सदस्यों, विद्वानों और छात्रों को एक साथ लाया गया। विभागाध्यक्ष प्रो. असित के. मंत्री ने औपचारिक स्वागत और विषय का प्रासंगिक परिचय दिया। उन्होंने शिक्षा शास्त्रार्थ मंच के महत्व को अकादमिक संवाद और आलोचनात्मक जुड़ाव के लिए एक सार्थक स्थान के रूप में रेखांकित किया। प्रो. मंत्री ने वैश्विक व्यापार गतिशीलता पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों के बहुमुखी प्रभावों पर भी ध्यान केंद्रित किया। इसमें भारतीय अर्थव्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया। पैनल चर्चा की अध्यक्षता विभाग के एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद प्रो. जेएन बलिया ने की। प्रो. बलिया ने संरक्षणवादी नीतियों की ओर वैश्विक बदलाव और भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए उनके प्रभावों को संदर्भित करके पैनल के लिए विषयगत स्वर निर्धारित किया। पैनल में विविध शैक्षणिक विषयों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ प्रो. अश्विनी नंदा, अर्थशास्त्र विभाग, प्रो. सुरम सिंह, भौतिकी विभाग और डॉ. रंजीत रमन, टीटीएम विभाग थे। डॉ. रंजीत रमन ने आरंभिक वक्तव्य दिया, जिसमें वैश्विक परिप्रेक्ष्य पर नज़र डालने से पहले भारतीय संदर्भ में टैरिफ़ के परिणामों की खोज की गई।
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