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कौशल विकास में जम्मू-कश्मीर में सबसे पसंदीदा स्थान बनने की क्षमता : एलजी
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- आईआईटी श्रीनगर का पहला दीक्षांत समारोह : कन्वेंशन सेंटर में उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने नवाजे टॉपर
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर कौशल विकास में सबसे पसंदीदा स्थान बनने की क्षमता रखता है। इसके लिए हमें औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है, क्योंकि ये प्रदेश के साथ-साथ कश्मीर घाटी का भविष्य बना रहे हैं। ये बातें कन्वेंशन सेंटर श्रीनगर में आईआईटी श्रीनगर के पहले दीक्षांत समारोह के दौरान उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहीं।उन्होंने जम्मू-कश्मीर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के 72 ट्रेडों के टॉपर्स को सम्मानित किया।
एलजी ने कहा कि मिशन यूथ और अन्य शैक्षणिक संस्थान युवाओं को भविष्य संवारने के अवसर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासनिक अफसरों को कहा कि पासआउट छात्रों के लिए उद्योग स्थापित करें, जहां वे न केवल कौशल सीखेंगे, बल्कि नौकरी भी हासिल करेंगे। कौशल विकास विभाग के आयुक्त सचिव सौरभ भगत ने कहा कि हर साल 12,000 से अधिक छात्रों को आईटीआई की डिग्री मिलती है। आज 72 ट्रेडों के टॉपर्स को सम्मानित किया, इन ट्रेडों में हम पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं। कुछ छात्र दूरदराज जिलों से आते हैं और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर टॉप किया है।
भगत ने कहा कि उद्योग की आवश्यकता के अनुसार ट्रेड शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा, हमने सूर्य मित्र, स्मार्ट सिटी तकनीशियन पाठ्यक्रम, खाद्य प्रौद्योगिकी शुरू की है। हम रोबोटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी नई शाखाएं शुरू कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर को भारी निवेश मिल रहा है और आईटीआई केंद्र शासित प्रदेश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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आयुक्त सचिव ने कहा, आईटीआई सेक्टर जम्मू-कश्मीर के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहा है। हम इस सेक्टर को ऐसा बनाना चाहते हैं कि युवा केवल सरकारी नौकरियों या सफेदपोश नौकरियों की ओर रुख न करें, बल्कि उद्यमी भी बन सकें। आईटीआई में प्रवेश बढ़ाने की जरूरत है। हमारा प्रयास पाठ्यक्रम को संशोधित करना है, ऐसे ट्रेड शुरू करना है कि जिनसे आईटीआई से पासआउट होते ही उन्हें नौकरी मिल सकें। हमारे पास 12,000 आईटीआई सीटें हैं, उनके लिए 60,000 से अधिक छात्रों ने आवेदन किया था। कुछ आईटीआई में ऑटोमोबाइल व्यापार है, प्रत्येक सीट के लिए 50 आवेदन हैं, इसलिए प्रवेश क्षमता बढ़ाने की जरूरत है।
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एलजी ने इनोवेशन पोर्टल के
साथ ई-प्लेटफॉर्म किया लांच
एलजी मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार परिषद, विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा इनोवेशन पोर्टल भी लांच किया। अधिक पारदर्शिता के लिए जम्मू-कश्मीर में पॉलिटेक्निक की रैंकिंग के लिए एक ई-प्लेटफॉर्म लांच किया गया। इसके साथ ही नई शिक्षा नीति के अनुसार तीसरे सेमेस्टर के लिए एक संशोधित पाठ्यक्रम का भी शुभारंभ किया
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर कौशल विकास में सबसे पसंदीदा स्थान बनने की क्षमता रखता है। इसके लिए हमें औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है, क्योंकि ये प्रदेश के साथ-साथ कश्मीर घाटी का भविष्य बना रहे हैं। ये बातें कन्वेंशन सेंटर श्रीनगर में आईआईटी श्रीनगर के पहले दीक्षांत समारोह के दौरान उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहीं।उन्होंने जम्मू-कश्मीर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के 72 ट्रेडों के टॉपर्स को सम्मानित किया।
एलजी ने कहा कि मिशन यूथ और अन्य शैक्षणिक संस्थान युवाओं को भविष्य संवारने के अवसर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासनिक अफसरों को कहा कि पासआउट छात्रों के लिए उद्योग स्थापित करें, जहां वे न केवल कौशल सीखेंगे, बल्कि नौकरी भी हासिल करेंगे। कौशल विकास विभाग के आयुक्त सचिव सौरभ भगत ने कहा कि हर साल 12,000 से अधिक छात्रों को आईटीआई की डिग्री मिलती है। आज 72 ट्रेडों के टॉपर्स को सम्मानित किया, इन ट्रेडों में हम पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं। कुछ छात्र दूरदराज जिलों से आते हैं और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर टॉप किया है।
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भगत ने कहा कि उद्योग की आवश्यकता के अनुसार ट्रेड शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा, हमने सूर्य मित्र, स्मार्ट सिटी तकनीशियन पाठ्यक्रम, खाद्य प्रौद्योगिकी शुरू की है। हम रोबोटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी नई शाखाएं शुरू कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर को भारी निवेश मिल रहा है और आईटीआई केंद्र शासित प्रदेश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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आयुक्त सचिव ने कहा, आईटीआई सेक्टर जम्मू-कश्मीर के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहा है। हम इस सेक्टर को ऐसा बनाना चाहते हैं कि युवा केवल सरकारी नौकरियों या सफेदपोश नौकरियों की ओर रुख न करें, बल्कि उद्यमी भी बन सकें। आईटीआई में प्रवेश बढ़ाने की जरूरत है। हमारा प्रयास पाठ्यक्रम को संशोधित करना है, ऐसे ट्रेड शुरू करना है कि जिनसे आईटीआई से पासआउट होते ही उन्हें नौकरी मिल सकें। हमारे पास 12,000 आईटीआई सीटें हैं, उनके लिए 60,000 से अधिक छात्रों ने आवेदन किया था। कुछ आईटीआई में ऑटोमोबाइल व्यापार है, प्रत्येक सीट के लिए 50 आवेदन हैं, इसलिए प्रवेश क्षमता बढ़ाने की जरूरत है।
एलजी ने इनोवेशन पोर्टल के
साथ ई-प्लेटफॉर्म किया लांच
एलजी मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार परिषद, विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा इनोवेशन पोर्टल भी लांच किया। अधिक पारदर्शिता के लिए जम्मू-कश्मीर में पॉलिटेक्निक की रैंकिंग के लिए एक ई-प्लेटफॉर्म लांच किया गया। इसके साथ ही नई शिक्षा नीति के अनुसार तीसरे सेमेस्टर के लिए एक संशोधित पाठ्यक्रम का भी शुभारंभ किया