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Jammu News: सड़कें बंद, 100 से ज्यादा छात्रों को बदलने पड़े केंद्र
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-जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में साढ़े 14 हजार परीक्षार्थी बैठे स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट में
- 10 शहरों के 55 केंद्रों पर ऑफलाइन हुआ टेस्ट, दोनों पेपर एक ही दिन दो पालियों में संपन्न
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट (जेकेसेट/एलसेट) रविवार को हुआ। असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का सपना लिए यूटी लद्दाख समेत जम्मू-कश्मीर के 55 केंद्रों पर साढ़े 14 हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा के लिए 10 शहरों में केंद्र बनाए गए थे। सड़कें बंद रहने की वजह से जम्मू और कश्मीर संभाग में 100 से ज्यादा छात्रों को केंद्र बदलने पड़े।
यह टेस्ट ऑफलाइन था। दोनों पेपर एक ही दिन दो पालियों में संपन्न हुए। परीक्षा का आयोजन करने वाली जम्मू-कश्मीर स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट एजेंसी के सदस्य सचिव प्रो. पंकज श्रीवास्तव के अनुसार पहला पेपर सौ अंकों का था। इसमें कुल 50 प्रश्न पूछे गए। यह पेपर एक घंटे का था। यह सभी के लिए समान था। परीक्षार्थियों की ओर से चुने गए विषय पर आधारित प्रश्नपत्र में कुल सौ प्रश्न पूछे गए। यह प्रश्नपत्र दो सौ अंकों का था।
जेके/एलसेट का पहला पेपर सुबह 10 बजे से शुरू होकर पूर्वाह्न 11 बजे तक चला। दूसरा पेपर सुबह साढ़े 11 बजे से शुरू होकर दोपहर दो बजे तक हुआ। इस परीक्षा में निगेटिव मार्किंग नहीं रखी गई थी। जम्मू विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. उमेश राय ने जम्मू संभाग, जबकि कश्मीर विश्वविद्यालय की वीसी ने श्रीनगर में कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। जम्मू, श्रीनगर और चिनाब वैली में फंसे छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी।
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सेट के असिस्टेंट रजिस्ट्रार कुलदीप राज ने बताया कि जम्मू, भद्रवाह और श्रीनगर में तीन विशेष केंद्र स्थापित किए गए थे। परीक्षा के आयोजन में श्रीनगर की केंद्र समन्वयक प्रो. सीमा सिंह और लेह के केंद्र समन्वय डॉ. जिगमट दछेन का विशेष सहयोग रहा।
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पहली बार लाइव सीसीटीवी सर्विलांस, बायोमीट्रिक हाजिरी
जेकेसेट में पहली बार लाइव सीसीटीवी सर्विलांस के जरिए मॉनिटरिंग की गई। रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए अलग से कमांड सेंटर स्थापित किया गया था। जम्मू-कश्मीर स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्टिंग एजेंसी के सदस्य प्रो. पंकज श्रीवास्तव के अनुसार इसके अतिरिक्त परीक्षार्थियों के सत्यापन के लिए प्रत्येक केंद्र में बायोमीट्रिक हाजिरी का प्रावधान किया गया था।
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- 10 शहरों के 55 केंद्रों पर ऑफलाइन हुआ टेस्ट, दोनों पेपर एक ही दिन दो पालियों में संपन्न
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट (जेकेसेट/एलसेट) रविवार को हुआ। असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का सपना लिए यूटी लद्दाख समेत जम्मू-कश्मीर के 55 केंद्रों पर साढ़े 14 हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा के लिए 10 शहरों में केंद्र बनाए गए थे। सड़कें बंद रहने की वजह से जम्मू और कश्मीर संभाग में 100 से ज्यादा छात्रों को केंद्र बदलने पड़े।
यह टेस्ट ऑफलाइन था। दोनों पेपर एक ही दिन दो पालियों में संपन्न हुए। परीक्षा का आयोजन करने वाली जम्मू-कश्मीर स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट एजेंसी के सदस्य सचिव प्रो. पंकज श्रीवास्तव के अनुसार पहला पेपर सौ अंकों का था। इसमें कुल 50 प्रश्न पूछे गए। यह पेपर एक घंटे का था। यह सभी के लिए समान था। परीक्षार्थियों की ओर से चुने गए विषय पर आधारित प्रश्नपत्र में कुल सौ प्रश्न पूछे गए। यह प्रश्नपत्र दो सौ अंकों का था।
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जेके/एलसेट का पहला पेपर सुबह 10 बजे से शुरू होकर पूर्वाह्न 11 बजे तक चला। दूसरा पेपर सुबह साढ़े 11 बजे से शुरू होकर दोपहर दो बजे तक हुआ। इस परीक्षा में निगेटिव मार्किंग नहीं रखी गई थी। जम्मू विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. उमेश राय ने जम्मू संभाग, जबकि कश्मीर विश्वविद्यालय की वीसी ने श्रीनगर में कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। जम्मू, श्रीनगर और चिनाब वैली में फंसे छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी।
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सेट के असिस्टेंट रजिस्ट्रार कुलदीप राज ने बताया कि जम्मू, भद्रवाह और श्रीनगर में तीन विशेष केंद्र स्थापित किए गए थे। परीक्षा के आयोजन में श्रीनगर की केंद्र समन्वयक प्रो. सीमा सिंह और लेह के केंद्र समन्वय डॉ. जिगमट दछेन का विशेष सहयोग रहा।
पहली बार लाइव सीसीटीवी सर्विलांस, बायोमीट्रिक हाजिरी
जेकेसेट में पहली बार लाइव सीसीटीवी सर्विलांस के जरिए मॉनिटरिंग की गई। रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए अलग से कमांड सेंटर स्थापित किया गया था। जम्मू-कश्मीर स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्टिंग एजेंसी के सदस्य प्रो. पंकज श्रीवास्तव के अनुसार इसके अतिरिक्त परीक्षार्थियों के सत्यापन के लिए प्रत्येक केंद्र में बायोमीट्रिक हाजिरी का प्रावधान किया गया था।