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Jammu News: भारी लापरवाही, एक महीने बाद भी स्कूलों की लोकेशन नहीं की अपलोड
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- दिसंबर में निर्देश के बाद भी प्रदेश के आधे से ज्यादा स्कूलों ने यू डाइस में अपडेट नहीं किया भौगोलिक विवरण
- जानकारी पूरी नहीं होने के कारण केंद्र सरकार को भेजी जाने वाली रिपोर्ट रुकी
जम्मू। शिक्षा विभाग के स्पष्ट आदेश के बावजूद प्रदेश में स्कूलों का भौगोलिक विवरण (लोकेशन) दर्ज करने का काम अब भी अधूरा है। दिसंबर में निर्देश जारी होने के एक महीने बाद भी आधे से ज्यादा स्कूलों की लोकेशन यू डाइस में दर्ज नहीं हुई है। लापरवाही के कारण केंद्र सरकार को जरूरी रिपोर्ट नहीं भेजी जा सकी है।
विभाग ने सख्ती करते हुए फिर से आदेश जारी किया है। सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को साफ तौर पर चेताया है। विभाग ने एक सप्ताह की अंतिम समयसीमा तय करते हुए लंबित काम तुरंत पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। तय अवधि में भी लापरवाही मिलने पर संबंधित जिलों और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। विभाग ने मामले को गंभीर बताते हुए 22 दिसंबर 2025 को सभी जिलों को आदेश जारी किए थे। इसमे कहा गया था कि सरकारी और निजी स्कूलों की पूरी जानकारी तय प्रक्रिया के अनुसार दर्ज की जाए। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 24,171 सरकारी और निजी स्कूल हैं। इनमें 11,593 स्कूलों का भौगोलिक विवरण अब तक दर्ज नहीं किया गया है। इसके अलावा 5,678 स्कूलों की जानकारी दर्ज अभी स्वीकृति के इंतजार में है। केवल 6,069 स्कूलों का ही विवरण पूरी तरह दर्ज और स्वीकृत हो पाया है।
योजनाओं को ठीक से लागू करने के लिए जरूरी है लोकेशन
समग्र शिक्षा विभाग के योजना निदेशक चंचल शर्मा ने बताया कि यू डाइस के तहत स्कूलों की जानकारी इसलिए जुटाई जाती है ताकि सरकार के पास हर स्कूल का सही और पूरा ब्योरा मौजूद रहे। इससे यह स्पष्ट होता है कि स्कूल कहां स्थित है और वहां तक योजनाएं सही तरीके से पहुंच रही हैं या नहीं। इसी जानकारी के आधार पर स्कूलों को मिलने वाली सहायता, शिक्षकों की तैनाती और अन्य सुविधाओं की योजना बनाई जाती है। लोकेशन के आधार पर शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की जाती है। जानकारी न होने से योजनाओं के क्रियान्वयन में दिक्कत आती है और सरकारी संसाधनों के सही इस्तेमाल पर असर पड़ता है। आपदा या आपात स्थिति के समय स्कूलों की पहचान कर वहां समय पर मदद पहुंचाने में भी यह विवरण महत्वपूर्ण माना जाता है।
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- जानकारी पूरी नहीं होने के कारण केंद्र सरकार को भेजी जाने वाली रिपोर्ट रुकी
जम्मू। शिक्षा विभाग के स्पष्ट आदेश के बावजूद प्रदेश में स्कूलों का भौगोलिक विवरण (लोकेशन) दर्ज करने का काम अब भी अधूरा है। दिसंबर में निर्देश जारी होने के एक महीने बाद भी आधे से ज्यादा स्कूलों की लोकेशन यू डाइस में दर्ज नहीं हुई है। लापरवाही के कारण केंद्र सरकार को जरूरी रिपोर्ट नहीं भेजी जा सकी है।
विभाग ने सख्ती करते हुए फिर से आदेश जारी किया है। सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को साफ तौर पर चेताया है। विभाग ने एक सप्ताह की अंतिम समयसीमा तय करते हुए लंबित काम तुरंत पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। तय अवधि में भी लापरवाही मिलने पर संबंधित जिलों और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। विभाग ने मामले को गंभीर बताते हुए 22 दिसंबर 2025 को सभी जिलों को आदेश जारी किए थे। इसमे कहा गया था कि सरकारी और निजी स्कूलों की पूरी जानकारी तय प्रक्रिया के अनुसार दर्ज की जाए। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 24,171 सरकारी और निजी स्कूल हैं। इनमें 11,593 स्कूलों का भौगोलिक विवरण अब तक दर्ज नहीं किया गया है। इसके अलावा 5,678 स्कूलों की जानकारी दर्ज अभी स्वीकृति के इंतजार में है। केवल 6,069 स्कूलों का ही विवरण पूरी तरह दर्ज और स्वीकृत हो पाया है।
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योजनाओं को ठीक से लागू करने के लिए जरूरी है लोकेशन
समग्र शिक्षा विभाग के योजना निदेशक चंचल शर्मा ने बताया कि यू डाइस के तहत स्कूलों की जानकारी इसलिए जुटाई जाती है ताकि सरकार के पास हर स्कूल का सही और पूरा ब्योरा मौजूद रहे। इससे यह स्पष्ट होता है कि स्कूल कहां स्थित है और वहां तक योजनाएं सही तरीके से पहुंच रही हैं या नहीं। इसी जानकारी के आधार पर स्कूलों को मिलने वाली सहायता, शिक्षकों की तैनाती और अन्य सुविधाओं की योजना बनाई जाती है। लोकेशन के आधार पर शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की जाती है। जानकारी न होने से योजनाओं के क्रियान्वयन में दिक्कत आती है और सरकारी संसाधनों के सही इस्तेमाल पर असर पड़ता है। आपदा या आपात स्थिति के समय स्कूलों की पहचान कर वहां समय पर मदद पहुंचाने में भी यह विवरण महत्वपूर्ण माना जाता है।
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