{"_id":"696bfeb68b9090e8bd05e109","slug":"education-news-jammu-news-c-10-jmu1052-814263-2026-01-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: इसी साल जेयू की छात्राओं को मिलेगा हॉस्टल का तोहफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: इसी साल जेयू की छात्राओं को मिलेगा हॉस्टल का तोहफा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- नौ साल से अटके प्रोजेक्ट को वित्त विभाग ने दी मंजूरी, शेष काम पूरा होने से 200 लड़कियों को होगा लाभ
- 2016 में शुरू हुआ था निर्माण, लंबे समय तक कानूनी विवादों में अटका रहा
जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय की छात्राओं के लिए राहत की खबर है। नौ साल से अधूरे गर्ल्स हॉस्टल का काम अब पूरा होने जा रहा है। इसके लिए वित्त विभाग से मंजूरी मिल चुकी है, जिसके बाद शेष काम शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई है। आने वाले शैक्षणिक सत्र से छात्राओं को हॉस्टल सुविधा मिलने की उम्मीद है।
2016 में नए गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण 5.25 करोड़ रुपये की लागत से शुरू किया गया था। कुछ समय बाद परियोजना बीच में अटक गई और भवन अधूरा रह गया। इसी बीच ठेकेदार और विश्वविद्यालय के बीच भुगतान को लेकर विवाद पैदा हो गया, जिस कारण काम ठप हो गया। 2021 में मामला अदालत तक पहुंच गया। निर्देशों के पालन को लेकर अवमानना से जुड़ा मामला भी सामने आया, जिसका निपटारा 30 मई 2025 को हुआ।
कानूनी प्रक्रियाओं के कारण कार्य लंबे समय तक बंद रहा। अब इसी महीने शेष कार्य के लिए टेंडर निकाला गया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद 30.56 लाख रुपये की राशि को विश्वविद्यालय के वित्त विभाग ने मंजूर किया। संबंधित एजेंसी को काम सौंपने की तैयारी की जा रही है। उम्मीद है कि शेष निर्माण कार्य तीन से चार महीने में पूरा कर लिया जाएगा। नए शैक्षणिक सत्र से छात्राओं के लिए हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी। हॉस्टल की क्षमता 200 छात्राओं की है। हालांकि शुरुआती चरण में करीब 70 छात्राओं को ही रहने की सुविधा दी जाएगी।
विज्ञापन
दूरदराज की छात्राओं को मिलेगी राहत
रियासी की एमसीए द्वितीय वर्ष की छात्रा खुशी ने बताया कि दूरदराज इलाकों की छात्राओं के लिए जम्मू में पढ़ाई करना आसान नहीं होता। हॉस्टल न मिलने पर बाहर रहना महंगा पड़ता है और परिवार को सुरक्षा की चिंता रहती है। इन्हीं कारणों से कई छात्राएं दाखिला मिलने के बाद भी पढ़ाई जारी नहीं रख पाती थीं। विश्वविद्यालय में पहले से तीन गर्ल्स हॉस्टल हैं, लेकिन क्षमता सीमित है। नया हॉस्टल शुरू होने से बड़ी संख्या में छात्राओं को फायदा होगा।
विवि प्रशासन के सामने कई बार उठाया मुद्दा
एबीवीपी के जम्मू विभाग के विधि और आरटीआई प्रकोष्ठ के संयोजक चैतन्य मगोत्रा ने बताया कि उनका संगठन लंबे समय से मुद्दे को उठा रहा था। गर्ल्स हॉस्टल अधूरा रहने से छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस संबंध में कई बार विवि प्रशासन से बातचीत की और आरटीआई भी लगाई गई। अब विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा शेष कार्य के लिए मंजूरी देने से छात्राओं को निश्चित रूप से सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन
- 2016 में शुरू हुआ था निर्माण, लंबे समय तक कानूनी विवादों में अटका रहा
जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय की छात्राओं के लिए राहत की खबर है। नौ साल से अधूरे गर्ल्स हॉस्टल का काम अब पूरा होने जा रहा है। इसके लिए वित्त विभाग से मंजूरी मिल चुकी है, जिसके बाद शेष काम शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई है। आने वाले शैक्षणिक सत्र से छात्राओं को हॉस्टल सुविधा मिलने की उम्मीद है।
2016 में नए गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण 5.25 करोड़ रुपये की लागत से शुरू किया गया था। कुछ समय बाद परियोजना बीच में अटक गई और भवन अधूरा रह गया। इसी बीच ठेकेदार और विश्वविद्यालय के बीच भुगतान को लेकर विवाद पैदा हो गया, जिस कारण काम ठप हो गया। 2021 में मामला अदालत तक पहुंच गया। निर्देशों के पालन को लेकर अवमानना से जुड़ा मामला भी सामने आया, जिसका निपटारा 30 मई 2025 को हुआ।
विज्ञापन
कानूनी प्रक्रियाओं के कारण कार्य लंबे समय तक बंद रहा। अब इसी महीने शेष कार्य के लिए टेंडर निकाला गया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद 30.56 लाख रुपये की राशि को विश्वविद्यालय के वित्त विभाग ने मंजूर किया। संबंधित एजेंसी को काम सौंपने की तैयारी की जा रही है। उम्मीद है कि शेष निर्माण कार्य तीन से चार महीने में पूरा कर लिया जाएगा। नए शैक्षणिक सत्र से छात्राओं के लिए हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी। हॉस्टल की क्षमता 200 छात्राओं की है। हालांकि शुरुआती चरण में करीब 70 छात्राओं को ही रहने की सुविधा दी जाएगी।
विज्ञापन
दूरदराज की छात्राओं को मिलेगी राहत
रियासी की एमसीए द्वितीय वर्ष की छात्रा खुशी ने बताया कि दूरदराज इलाकों की छात्राओं के लिए जम्मू में पढ़ाई करना आसान नहीं होता। हॉस्टल न मिलने पर बाहर रहना महंगा पड़ता है और परिवार को सुरक्षा की चिंता रहती है। इन्हीं कारणों से कई छात्राएं दाखिला मिलने के बाद भी पढ़ाई जारी नहीं रख पाती थीं। विश्वविद्यालय में पहले से तीन गर्ल्स हॉस्टल हैं, लेकिन क्षमता सीमित है। नया हॉस्टल शुरू होने से बड़ी संख्या में छात्राओं को फायदा होगा।
विवि प्रशासन के सामने कई बार उठाया मुद्दा
एबीवीपी के जम्मू विभाग के विधि और आरटीआई प्रकोष्ठ के संयोजक चैतन्य मगोत्रा ने बताया कि उनका संगठन लंबे समय से मुद्दे को उठा रहा था। गर्ल्स हॉस्टल अधूरा रहने से छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस संबंध में कई बार विवि प्रशासन से बातचीत की और आरटीआई भी लगाई गई। अब विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा शेष कार्य के लिए मंजूरी देने से छात्राओं को निश्चित रूप से सुविधा मिलेगी।