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Jammu News: बच्चों ने पेंटिंग के जरिये व्यक्त की तोते की पीड़ा
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पेटिंग के माध्यम से तोतों की पीड़ा को किया व्यक्त
- पिंजरे में बंद मिट्ठू की आजादी पर 400 पेंटिग्स की कला केंद्र में प्रदर्शनी शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। स्कूलों के विद्यार्थियों की ओर से मिट्ठू (तोते) की आजादी पर बनाई गईं 400 पेंटिंग्स की दो दिवसीय प्रदर्शनी बुधवार को कला केंद्र जम्मू में शुरू हुई। कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों से विद्यार्थियों ने भाग लिया और पेंटिंग के माध्यम से पिंजरे में बंद मिट्ठू की पीड़ा को व्यक्त किया। साथ ही खुले वातावरण में उड़ते तोते की दिलकश पेंटिंग बनाकर उसकी खुशी के भाव को भी दिखाया।
वन्यजीव संरक्षण विभाग जम्मू-कश्मीर की क्षेत्रीय वार्डन ज्योत्सना ने रिबन काटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। कार्यक्रम का आयोजन द हिमालय एवियन ने कला केंद्र जम्मू और वन्यजीव संरक्षण विभाग जम्मू-कश्मीर के सहयोग से करवाया। मिट्ठू की आजादी द हिमालय एवियन का एक अभियान है जो जनवरी 2011 को गुलदेव राज ने तोते पर फोटो प्रदर्शनी लगाकर शुरू किया था। उसके बाद अनेक कार्यक्रम कराए जाते रहे ताकि लोग जानें कि वे तोतों के साथ हो क्या रहा है। क्षेत्रीय वार्डन ज्योत्सना ने बच्चों के काम की सराहना की। कार्यक्रम में भाग लेने आए कई बच्चों ने तोता बनाकर लघु नाटक पेश किया और और तोते के जीवन की वास्तविकता से लोगों को अवगत कराया।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। स्कूलों के विद्यार्थियों की ओर से मिट्ठू (तोते) की आजादी पर बनाई गईं 400 पेंटिंग्स की दो दिवसीय प्रदर्शनी बुधवार को कला केंद्र जम्मू में शुरू हुई। कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों से विद्यार्थियों ने भाग लिया और पेंटिंग के माध्यम से पिंजरे में बंद मिट्ठू की पीड़ा को व्यक्त किया। साथ ही खुले वातावरण में उड़ते तोते की दिलकश पेंटिंग बनाकर उसकी खुशी के भाव को भी दिखाया।
वन्यजीव संरक्षण विभाग जम्मू-कश्मीर की क्षेत्रीय वार्डन ज्योत्सना ने रिबन काटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। कार्यक्रम का आयोजन द हिमालय एवियन ने कला केंद्र जम्मू और वन्यजीव संरक्षण विभाग जम्मू-कश्मीर के सहयोग से करवाया। मिट्ठू की आजादी द हिमालय एवियन का एक अभियान है जो जनवरी 2011 को गुलदेव राज ने तोते पर फोटो प्रदर्शनी लगाकर शुरू किया था। उसके बाद अनेक कार्यक्रम कराए जाते रहे ताकि लोग जानें कि वे तोतों के साथ हो क्या रहा है। क्षेत्रीय वार्डन ज्योत्सना ने बच्चों के काम की सराहना की। कार्यक्रम में भाग लेने आए कई बच्चों ने तोता बनाकर लघु नाटक पेश किया और और तोते के जीवन की वास्तविकता से लोगों को अवगत कराया।
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