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Jammu News: बीएड कॉलेज ऑफ एजुकेशन जम्मू और केंविवि कश्मीर में अब 4 साल में दो डिग्री
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- चार वर्षीय एकीकृत बीएड पाठ्यक्रम मेें होगी छात्रों को एक साल की बचत
- फाउंडेशनल, प्राइमरी, मिडिल और सेकेंडरी के हिसाब से पढ़ना होगा पाठ्यक्रम
मंगेश कुमार
जम्मू। बीएड कॉलेज ऑफ एजुकेशन जम्मू और केंद्रीय विश्वविद्यालय कश्मीर में शिक्षण को करियर के रूप में चुनने वाले छात्रों को चार वर्षीय एकीकृत बीएड पाठ्यक्रम का लाभ मिलेगा। छात्रों को इस पाठ्यक्रम में अब एक वर्ष की बचत होगी। पहले बारहवीं के बाद तीन साल स्नातक की डिग्री में लगते थे। फिर दो साल बीएड की डिग्री करने में। अब छात्रों को चार साल में दो डिग्री एक साथ मिलेंगी। एकीकृत अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम अत्याधुनिक शिक्षा, मूल्यों, आचार, कला, परंपराओं की समझ व अन्य विषयों का आधार भी स्थापित करेगा। छात्र स्कूल में जिस स्तर के अध्यापक बनना चाहेंगे। उन्हें उसी के मुताबिक स्नातक व बीएड का पाठ्यक्रम पढ़ना होगा। उसी आधार पर उन्हें डिग्री दी जाएगी, जो आवेदन के समय भी संबंधित स्तर के स्कूल के लिए मान्य होगी।
बीएड कॉलेज जम्मू दो और केंद्रीय
विवि कश्मीर एक पाठ्यक्रम पढ़ाएगा
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने चार साल की दोहरी-समग्र स्नातक डिग्री में बीए, बीएड, बीएससी बीएड और बीकॉम बीएड पाठ्यक्रम का प्रावधान रखा है। इस पाठ्यक्रम में नई स्कूल संरचना के अनुसार फाउंडेशनल, प्राइमरी, मिडिल और सेकेंडरी (5+3+3+4) चार चरण हैं। बीएड कॉलेज ऑफ एजुकेशन जम्मू को चारों की अनुमति मिली है।लेकिन प्रबंधन ने मूल संरचना को ध्यान में रखते हुए पहली बार फांउडेशनल और प्राइमरी पाठ्यक्रम पढ़ाने का निर्णय लिया है। इन दोनों पाठ्यक्रम में 50-50 छात्रों को राष्ट्रीय प्रवेश के आधार पर दाखिला दिया जाना है। वहीं, केंद्रीय विश्वविद्यालय कश्मीर में फिलहाल फांउडेशनल कोर्स ही करवाया जाएगा। जम्मू-कश्मीर के साथ देश भर के छात्रों को भी इस पाठ्यक्रम की पढ़ाई करने का मौका मिलेगा।
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चार वर्षीय कोर्स की प्रणाली पहले से पूरी तरह अलग है। छात्र जिस स्तर के स्कूल में पढ़ाना चाहेंगे, उन्हें उसी के हिसाब से पाठ्यक्रम पढ़ना होगा। दो साल की बीएड डिग्री इस कोर्स में सफलता प्राप्त होने के बाद ही बंद कर दी जाएगी।
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प्रो. एकता गुप्ता, प्राचार्य, बीएड कॉलेज ऑफ एजुकेशन जम्मू
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- फाउंडेशनल, प्राइमरी, मिडिल और सेकेंडरी के हिसाब से पढ़ना होगा पाठ्यक्रम
मंगेश कुमार
जम्मू। बीएड कॉलेज ऑफ एजुकेशन जम्मू और केंद्रीय विश्वविद्यालय कश्मीर में शिक्षण को करियर के रूप में चुनने वाले छात्रों को चार वर्षीय एकीकृत बीएड पाठ्यक्रम का लाभ मिलेगा। छात्रों को इस पाठ्यक्रम में अब एक वर्ष की बचत होगी। पहले बारहवीं के बाद तीन साल स्नातक की डिग्री में लगते थे। फिर दो साल बीएड की डिग्री करने में। अब छात्रों को चार साल में दो डिग्री एक साथ मिलेंगी। एकीकृत अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम अत्याधुनिक शिक्षा, मूल्यों, आचार, कला, परंपराओं की समझ व अन्य विषयों का आधार भी स्थापित करेगा। छात्र स्कूल में जिस स्तर के अध्यापक बनना चाहेंगे। उन्हें उसी के मुताबिक स्नातक व बीएड का पाठ्यक्रम पढ़ना होगा। उसी आधार पर उन्हें डिग्री दी जाएगी, जो आवेदन के समय भी संबंधित स्तर के स्कूल के लिए मान्य होगी।
बीएड कॉलेज जम्मू दो और केंद्रीय
विवि कश्मीर एक पाठ्यक्रम पढ़ाएगा
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने चार साल की दोहरी-समग्र स्नातक डिग्री में बीए, बीएड, बीएससी बीएड और बीकॉम बीएड पाठ्यक्रम का प्रावधान रखा है। इस पाठ्यक्रम में नई स्कूल संरचना के अनुसार फाउंडेशनल, प्राइमरी, मिडिल और सेकेंडरी (5+3+3+4) चार चरण हैं। बीएड कॉलेज ऑफ एजुकेशन जम्मू को चारों की अनुमति मिली है।लेकिन प्रबंधन ने मूल संरचना को ध्यान में रखते हुए पहली बार फांउडेशनल और प्राइमरी पाठ्यक्रम पढ़ाने का निर्णय लिया है। इन दोनों पाठ्यक्रम में 50-50 छात्रों को राष्ट्रीय प्रवेश के आधार पर दाखिला दिया जाना है। वहीं, केंद्रीय विश्वविद्यालय कश्मीर में फिलहाल फांउडेशनल कोर्स ही करवाया जाएगा। जम्मू-कश्मीर के साथ देश भर के छात्रों को भी इस पाठ्यक्रम की पढ़ाई करने का मौका मिलेगा।
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चार वर्षीय कोर्स की प्रणाली पहले से पूरी तरह अलग है। छात्र जिस स्तर के स्कूल में पढ़ाना चाहेंगे, उन्हें उसी के हिसाब से पाठ्यक्रम पढ़ना होगा। दो साल की बीएड डिग्री इस कोर्स में सफलता प्राप्त होने के बाद ही बंद कर दी जाएगी।
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प्रो. एकता गुप्ता, प्राचार्य, बीएड कॉलेज ऑफ एजुकेशन जम्मू