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केंद्रीय विश्वविद्यालय में परीक्षाएं ऑनलाइन कराने की मांग
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जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय(जेयू) के एनएसयूआई के सचिव अजय लखोत्रा ने केंद्रीय विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. संजीव जैन को ज्ञापन सौंप परीक्षाएं ऑनलाइन करवाने की मांग की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑफलाइन परीक्षाएं करवाने का निर्णय लिया है।
अजय लखोत्रा ने ज्ञापन में लिखा है प्रदेश के 20 जिलों और लद्दाख सहित बाहरी राज्यों के विद्यार्थियों का ऑफलाइन परीक्षाओं में शामिल होना संभव नहीं है। कोरोना का दर कम हुआ है। लेकिन विद्यार्थियों की भीड़ होने से मामलों में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है।
बीते माह विवि में कोरोना के कई मामले मिलने पर विवि को कंटेनमेंट जोन में रखा गया था। इस कारण यूजी-पीजी और पीजी एकीकृत कोर्स के विद्यार्थियों को घर जाने के निर्देश दिए गए थे। उसके बाद विद्यार्थियों को विवि में नहीं बुलाया गया। सभी गतिविधियां वर्चुअल जारी हैं। एक मार्च से परीक्षाएं होनी हैं। उन्होंने प्रशासन से ऑनलाइन परीक्षा कराने की अपील की है।
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मांगें पूरी न हुईं तो तैयार करेंगे अगली रणनीति
केंद्रीय विवि के शोधार्थी सोमवार को दिन भर परिसर में धरने पर बैठे रहे थे। शोधार्थियों के अनुसार उन्हें विवि में उचित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। दिन भर धरना देने के बाद शाम के समय विवि प्रशासन ने शोधार्थियों से मुलाकात कर मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था। शोधार्थियों ने कहा कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो अगली रणनीति तैयार की जाएगी।
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अजय लखोत्रा ने ज्ञापन में लिखा है प्रदेश के 20 जिलों और लद्दाख सहित बाहरी राज्यों के विद्यार्थियों का ऑफलाइन परीक्षाओं में शामिल होना संभव नहीं है। कोरोना का दर कम हुआ है। लेकिन विद्यार्थियों की भीड़ होने से मामलों में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है।
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बीते माह विवि में कोरोना के कई मामले मिलने पर विवि को कंटेनमेंट जोन में रखा गया था। इस कारण यूजी-पीजी और पीजी एकीकृत कोर्स के विद्यार्थियों को घर जाने के निर्देश दिए गए थे। उसके बाद विद्यार्थियों को विवि में नहीं बुलाया गया। सभी गतिविधियां वर्चुअल जारी हैं। एक मार्च से परीक्षाएं होनी हैं। उन्होंने प्रशासन से ऑनलाइन परीक्षा कराने की अपील की है।
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मांगें पूरी न हुईं तो तैयार करेंगे अगली रणनीति
केंद्रीय विवि के शोधार्थी सोमवार को दिन भर परिसर में धरने पर बैठे रहे थे। शोधार्थियों के अनुसार उन्हें विवि में उचित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। दिन भर धरना देने के बाद शाम के समय विवि प्रशासन ने शोधार्थियों से मुलाकात कर मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था। शोधार्थियों ने कहा कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो अगली रणनीति तैयार की जाएगी।