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अब सरकारी स्कूलों के छात्र भी अंग्रेजी में होंगे तेज
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जम्मू। निजी स्कूलों की तरह अब सरकारी स्कूलों के बच्चों का भी अंग्रेजी में आधार मजबूत होगा। शिक्षा विभाग ने नए पैटर्न पर पढ़ाई शुरू की है। इस सत्र से 1500 और सरकारी स्कूलों में प्री प्राइमरी की कक्षाएं शुरू की जाएंगी। बच्चों को अंग्रेजी विषय पढ़ाया जाएगा। पिछले साल 2000 स्कूलों में इस व्यवस्था को शुरू किया गया था, लेकिन कोरोना के चलते स्कूल बंद ही रहे और बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पाई। अब 3500 स्कूलों में प्री प्राइमरी में बच्चों को अंग्रेजी विषय पढ़ाया जाएगा। इससे पहले सरकारी स्कूलो में प्री प्राइमरी कक्षाएं नहीं होती थी। पहली कक्षा से बच्चों को अंग्रेजी और हिंदी पढ़ाई जाती थी।
प्री प्राइमरी कक्षा में बच्चों को पांच वर्ष की आयु में दाखिला मिलेगा। 12 साल में पांचवीं पास करेगा। इससे बच्चों का पढ़ाई का आधार मजबूत होगा और आगे की पढ़ाई करने में आसानी रहेगी। इससे पहले पांचवी कक्षा तक साधारण तरीके से पढ़ाई होती थी। कई बच्चों का अंग्रेजी विषय में आधार मजबूत नहीं हो पाता था। बता दें, प्रदेश में 23 हजार के करीब प्राइमरी स्कूल हैं। बाकी स्कूलों में भी चरणबद्ध तरीके से यह व्यवस्था शुरू की जाएगी।
कोट
प्री प्राइमरी कक्षाएं स्कूलों में आरंभ की जा रही हैं। बीते साल दो हजार जबकि इस साल 1500 स्कूलों को लिया गया है। प्री प्राइमरी में एक साल पढ़ाई करने के बाद बच्चा पहली कक्षा में बैठ सकेगा।
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- अरुण मन्हास, निदेशक, समग्र शिक्षा अभियान
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प्री प्राइमरी कक्षा में बच्चों को पांच वर्ष की आयु में दाखिला मिलेगा। 12 साल में पांचवीं पास करेगा। इससे बच्चों का पढ़ाई का आधार मजबूत होगा और आगे की पढ़ाई करने में आसानी रहेगी। इससे पहले पांचवी कक्षा तक साधारण तरीके से पढ़ाई होती थी। कई बच्चों का अंग्रेजी विषय में आधार मजबूत नहीं हो पाता था। बता दें, प्रदेश में 23 हजार के करीब प्राइमरी स्कूल हैं। बाकी स्कूलों में भी चरणबद्ध तरीके से यह व्यवस्था शुरू की जाएगी।
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कोट
प्री प्राइमरी कक्षाएं स्कूलों में आरंभ की जा रही हैं। बीते साल दो हजार जबकि इस साल 1500 स्कूलों को लिया गया है। प्री प्राइमरी में एक साल पढ़ाई करने के बाद बच्चा पहली कक्षा में बैठ सकेगा।
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- अरुण मन्हास, निदेशक, समग्र शिक्षा अभियान