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पॉलिटेक्निक कॉलेजों में पिछले वर्ष 35 प्रतिशत बढ़े दाखिले
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जम्मू। प्रदेश सरकार युवाओं के कौशल विकास को महत्व दे रही है। प्रदेश कौशल विकास विभाग ने पिछले एक साल से जम्मू-कश्मीर के पॉलिटेक्निक कॉलेजों में एडमिशन के मामले में काफी सुधार किया है। पिछले वर्ष कोविड के बीच कौशल विभाग ने कॉलजों में 70 प्रतिशत तक सीटे भरी थीं, जो बीते कुछ वर्षों से 35 प्रतिशत अधिक था।
प्रदेश में वर्तमान में 29 पॉलिटेक्निक कॉलेज हैं, जिसमें सरकार द्वारा संचालित 22 जबकि सात निजी कॉलेज हैं। आईयूएसटी और जीबीएसबीयू द्वारा संचालित दो पॉलिटेक्निक कॉलेजों को छोड़कर निजी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में कुल प्रवेश क्षमता 2140 है, जबकि सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में प्रवेश क्षमता 3225 है। पॉलिटेक्निक कॉलेजों में प्रवेश 2014 में 64.22 प्रतिशत से घटकर 2018 में 35.77 प्रतिशत हो गया था। सरकारी पॉलिटेक्निक में 3505 छात्रों की प्रवेश क्षमता के मुकाबले 2014 में केवल 2364 सीटें भरी गई थीं, जबकि 2018 में केवल 1575 छात्रों ने इन संस्थानों में प्रवेश के लिए संपर्क किया था। पिछले वर्ष प्रवेश में 30 से 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई थी। पॉलिटेक्निक कॉलजों में पहले प्रवेश जम्मू-कश्मीर व्यावसायिक प्रवेश परीक्षा (बीओपीईई) द्वारा आयोजित एक प्रवेश परीक्षा के माध्यम से किया जाता था, लेकिन अब बोर्ड आफ टेक्निकल एजुकेशन (बीओटीई) दाखिले करता है। पॉलिटेक्निक कॉलजों में बढ़ते दाखिलों के पीछे बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ सरकार द्वारा कौशल विकास को बढ़ावा देना है। पिछले पांच वर्षों में विभाग ने किराये की बील्डिंग पर चल रहे कॉलेजों के लिए स्थाई कैंप का निर्माण किया है।
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प्रदेश में वर्तमान में 29 पॉलिटेक्निक कॉलेज हैं, जिसमें सरकार द्वारा संचालित 22 जबकि सात निजी कॉलेज हैं। आईयूएसटी और जीबीएसबीयू द्वारा संचालित दो पॉलिटेक्निक कॉलेजों को छोड़कर निजी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में कुल प्रवेश क्षमता 2140 है, जबकि सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में प्रवेश क्षमता 3225 है। पॉलिटेक्निक कॉलेजों में प्रवेश 2014 में 64.22 प्रतिशत से घटकर 2018 में 35.77 प्रतिशत हो गया था। सरकारी पॉलिटेक्निक में 3505 छात्रों की प्रवेश क्षमता के मुकाबले 2014 में केवल 2364 सीटें भरी गई थीं, जबकि 2018 में केवल 1575 छात्रों ने इन संस्थानों में प्रवेश के लिए संपर्क किया था। पिछले वर्ष प्रवेश में 30 से 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई थी। पॉलिटेक्निक कॉलजों में पहले प्रवेश जम्मू-कश्मीर व्यावसायिक प्रवेश परीक्षा (बीओपीईई) द्वारा आयोजित एक प्रवेश परीक्षा के माध्यम से किया जाता था, लेकिन अब बोर्ड आफ टेक्निकल एजुकेशन (बीओटीई) दाखिले करता है। पॉलिटेक्निक कॉलजों में बढ़ते दाखिलों के पीछे बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ सरकार द्वारा कौशल विकास को बढ़ावा देना है। पिछले पांच वर्षों में विभाग ने किराये की बील्डिंग पर चल रहे कॉलेजों के लिए स्थाई कैंप का निर्माण किया है।
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