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बेटियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर क्षेत्र का नाम किया रोशन
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बेटियों की सफलता पर खुशी प्रकट करते परिजन
मीरां साहिब। ब्लॉक के गांव टांडा निवासी गुज्जर समुदाय की दो बहनें साफिया चौधरी व नाज चौधरी ने नीट परीक्षा पास करने में सफलता हासिल की है। उनकी इस सफलता से परिवार सहित क्षेत्र के लोग गर्व महसूस कर रहे हैं।
मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मी नाज व साफिया चौधरी ने बताया कि बचपन से वह डॉक्टर बनकर समाज के लोगों की सेवा करने का सपना देखा करती थीं, जो अब पूरा होने जा रहा है। इस कारण वह काफी खुश हैं। सोफिया और नाज ने अपनी इस सफलता का श्रेय मां और पिता को दिया है। उन्होंने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान उनके माता-पिता ने रात भर जाग कर सहयोग किया। पिता ने हर कदम में उनका हौसला बढ़ाया, जिसे वह नहीं भूल सकती हैं। मां हमेशा से मेहनत करने के लिए प्रेरित करती थीं। पिता मोहम्मद सलीम ने कहा कि उनकी बेटियों ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर नाम कमाया है। उन्हें प्रसन्नता है कि उनकी बेटियां डॉक्टर बनेंगी, जिससे उनका नाम होगा और लोग उन्हें साफिया न नाज का पिता कहेंगे।
मां जरीना बेगम ने कहा कि बेटियों की सफलता पर गर्व है। कुछ लोग शिक्षा के क्षेत्र में बेटे को तरजीह देते हैं, जबकि बेटियों को नजर अंदाज किया जाता है। जो गलत है। सोफिया व नाज के ताया मोहम्मद सदीक जो कि पंचायत टांडा के सरपंच भी हैं, ने बताया कि बेटियों ने नीट परीक्षा पास की है, उन्होंने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। लोग उन्हें मुबारकबाद दे रहे हैं। उन्होंने कहां कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेटियों को बचाने तथा बेहतर शिक्षा दिलाने की बात कर रहे हैं, जो अच्छी बात है। हमारे परिवार यह पहली बेटियां हैं जोकि डॉक्टर बनने जा रही हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता बेटियों व बेटे में कोई भेद न रखें और बेटियों को आगे आने का मौका दें। दोनों बहनों ने कहा कि वह डॉक्टर बन लोगों की सेवा करनी चाहती हैं। दूरदराज गांव में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलती और प्रयास रहेगा कि लोगों की सेवा करें।
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मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मी नाज व साफिया चौधरी ने बताया कि बचपन से वह डॉक्टर बनकर समाज के लोगों की सेवा करने का सपना देखा करती थीं, जो अब पूरा होने जा रहा है। इस कारण वह काफी खुश हैं। सोफिया और नाज ने अपनी इस सफलता का श्रेय मां और पिता को दिया है। उन्होंने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान उनके माता-पिता ने रात भर जाग कर सहयोग किया। पिता ने हर कदम में उनका हौसला बढ़ाया, जिसे वह नहीं भूल सकती हैं। मां हमेशा से मेहनत करने के लिए प्रेरित करती थीं। पिता मोहम्मद सलीम ने कहा कि उनकी बेटियों ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर नाम कमाया है। उन्हें प्रसन्नता है कि उनकी बेटियां डॉक्टर बनेंगी, जिससे उनका नाम होगा और लोग उन्हें साफिया न नाज का पिता कहेंगे।
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मां जरीना बेगम ने कहा कि बेटियों की सफलता पर गर्व है। कुछ लोग शिक्षा के क्षेत्र में बेटे को तरजीह देते हैं, जबकि बेटियों को नजर अंदाज किया जाता है। जो गलत है। सोफिया व नाज के ताया मोहम्मद सदीक जो कि पंचायत टांडा के सरपंच भी हैं, ने बताया कि बेटियों ने नीट परीक्षा पास की है, उन्होंने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। लोग उन्हें मुबारकबाद दे रहे हैं। उन्होंने कहां कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेटियों को बचाने तथा बेहतर शिक्षा दिलाने की बात कर रहे हैं, जो अच्छी बात है। हमारे परिवार यह पहली बेटियां हैं जोकि डॉक्टर बनने जा रही हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता बेटियों व बेटे में कोई भेद न रखें और बेटियों को आगे आने का मौका दें। दोनों बहनों ने कहा कि वह डॉक्टर बन लोगों की सेवा करनी चाहती हैं। दूरदराज गांव में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलती और प्रयास रहेगा कि लोगों की सेवा करें।
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