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कश्मीर में आर्थिक पैकेज के बजाय शांति जरूरी: उमर

Thu, 19 Nov 2015 09:32 PM IST
Updated Thu, 19 Nov 2015 09:32 PM IST
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economic packages alone won’t resolve kashmir issue

नेकां के कार्यकारी प्रधान पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि रियासत में शांति बहाली के लिए आर्थिक पैकेज मदद नहीं कर सकते हैं। इसके लिए बेहतर माहौल बनाने की जरूरत है।

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युवाओं के लिए रोजगार के मौके बढ़ाए जाएं। कुछ ताकतें जम्मू-कश्मीर को बांटने की कोशिश कर रही हैं। वोट बैंक की राजनीति बंद करके समाज के कल्याण, एकता, भाईचारे और विकास पर काम होना चाहिए।
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जम्मू में विभिन्न शिष्टमंडलों से रूबरू होते हुए उमर ने कहा कि मौजूदा माहौल में एकजुट होकर काम करने की जरूरत है। समाज को जोड़ने के लिए पार्टी के युवा कार्यकर्ता आगे आकर काम करें।
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आरक्षण के मुद्दे को उठाएगी नेंका

economic packages alone won’t resolve kashmir issue

रियासत को तोड़ने और बांटने वाली ताकतों के खिलाफ नेकां हमेशा संघर्षरत रहेगी। राज्य के तीनों खित्तों को मिलाकर रखना है। एससी, ओबीसी शिष्टमंडल से बातचीत में उमर ने कहा कि नेकां ने हमेशा इस वर्ग के कल्याण और अधिकारों के लिए लड़ाई की और उन्हें उनका हक दिया।

पार्टी राज्यपाल के समक्ष आरक्षण के मुद्दे को उठाएगी। गुज्जर बक्करवाल शिष्टमंडल से रूबरू होते हुए उमर ने कहा कि गुज्जर और बक्करवाल वर्ग राज्य का अहम हिस्सा है। राज्य की धरोहर और संस्कृति इन दो वर्गों के साथ विशेष रूप से जुड़ी हुई है।

पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह के रियासत में दौरे के दौरान उनसे कहा गया था कि राज्य की अवाम आर्थिक पैकेज पर निर्भर नहीं है, बल्कि उन्हें शांति और अमन चाहिए।

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