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Earthquake: जापान के बाद भारत में भी महसूस हुए भूकंप के झटके, लद्दाख में रहा केंद्र, 3.6 दर्ज की गई तीव्रता

Tue, 02 Jan 2024 10:51 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: आकाश दुबे Updated Tue, 02 Jan 2024 10:51 AM IST
सार

लद्दाख में भी झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.6 दर्ज की गई है। जमीन की सतह से दस किलोमीटर के अंदर भूकंप का केंद्र रहा।

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Earthquake of 3.6 magnitude felt in Ladakh
Earthquake - फोटो : istock

विस्तार

जापान में आए दिल दहला देने वाले भूकंप के बाद सोमवार रात में भारत के लद्दाख में भी झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र भी लद्दाख रहा। रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.6 दर्ज की गई है। नेशनल केन्द्र फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, जमीन की सतह से दस किलोमीटर के अंदर भूकंप का केंद्र रहा।

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क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है। 
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जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।
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कैसे मापा जाता है भूकंप की तिव्रता और क्या है मापने का पैमाना?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।

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