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Earthquake in Ladakh: लद्दाख में भूकंप के झटके, रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 4.3

Tue, 22 Nov 2022 10:56 AM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/लेह
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/लेह Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Tue, 22 Nov 2022 10:56 AM IST
सार

लद्दाख में मंगलवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.3 मापी गई है। बता दें भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है।

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Earthquake in Ladakh of magnitude 4 dot 3 hits Northern region of Kargil
Earthquake - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में मंगलवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.3 मापी गई है। आज सुबह 10:05 पर लद्दाख के कारगिल से 191 किमी उत्तर में भूकंप आया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने इसकी जानकारी दी है। हालांकि इसमें फिलहाल किसी तरह के जानमाल के नुकसान खबर नहीं मिली है।

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कैसे आता है भूकंप?
भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।
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भूकंप की तीव्रता 
रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं। इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते। वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है।


लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।

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