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Jammu News: स्टॉप पर नहीं रोकते बस, दाैड़ते रहिए...
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। ई-बस में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा होने के बावजूद रोज परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं से बातचीत और बुधवार को करीब 30 किलोमीटर के सफर में सामने आया कि कई जगह पर बसें निर्धारित स्टॉप पर रुकने के बजाय स्टॉप से आगे जाकर रुकती हैं। ऐसे में महिलाओं को बस पकड़ने के लिए पीछे से दौड़ना पड़ता है।
कई बार बस यात्रियों का इंतजार किए बिना ही आगे निकल जाती है। अमर उजाला टीम ने दोपहर करीब 12 बजे बिक्रम चौक से ई-बस में सवार होकर ग्रेटर कैलाश, कुंजवानी, कालू चक, पुरमंडल मोड़, बाड़ी ब्राह्मणा, सरोर, पटली मोड़ से होते हुए नंदपुर तक सफर किया।
कई स्थानों पर देखने को मिला कि बस में पुरुष यात्रियों को रास्ते में बिठाया जा रहा था जबकि महिला यात्रियों को निर्धारित स्टॉप पर बस पकड़ने में भी परेशानी हो रही थी। महिला यात्रियों ने बताया कि कई बार बस स्टॉप पर नहीं उससे आगे जाकर रुकती है। ऐसे में उन्हें पीछे से दौड़ लगानी पड़ती है। जब तक वे पहुंचती हैं, तब तक बस आगे निकल जाती है। बुजुर्ग महिलाओं और सामान लेकर सफर करने वाली महिलाओं को ज्यादा परेशानी होती है।
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महिलाओं की एक और बड़ी शिकायत बस के डेस्टिनेशन एलईडी बोर्ड को लेकर सामने आई। महिला यात्रियों के अनुसार कई बार बस के आगे लगा डेस्टिनेशन बोर्ड बंद रहता है।
ऐसे में सड़क पर खड़ी महिलाओं को यह पता नहीं चल पाता कि बस किस रूट पर जा रही है और उनका गंतव्य उस रूट में आता है या नहीं। महिलाओं ने बताया कि जब वे बस चालक या परिचालक से रूट के बारे में पूछती हैं तो कई बार उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं दिया जाता। इससे महिलाएं असमंजस में रहती हैं कि बस में सवार हों या दूसरी बस का इंतजार करें।
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जम्मू। ई-बस में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा होने के बावजूद रोज परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं से बातचीत और बुधवार को करीब 30 किलोमीटर के सफर में सामने आया कि कई जगह पर बसें निर्धारित स्टॉप पर रुकने के बजाय स्टॉप से आगे जाकर रुकती हैं। ऐसे में महिलाओं को बस पकड़ने के लिए पीछे से दौड़ना पड़ता है।
कई बार बस यात्रियों का इंतजार किए बिना ही आगे निकल जाती है। अमर उजाला टीम ने दोपहर करीब 12 बजे बिक्रम चौक से ई-बस में सवार होकर ग्रेटर कैलाश, कुंजवानी, कालू चक, पुरमंडल मोड़, बाड़ी ब्राह्मणा, सरोर, पटली मोड़ से होते हुए नंदपुर तक सफर किया।
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कई स्थानों पर देखने को मिला कि बस में पुरुष यात्रियों को रास्ते में बिठाया जा रहा था जबकि महिला यात्रियों को निर्धारित स्टॉप पर बस पकड़ने में भी परेशानी हो रही थी। महिला यात्रियों ने बताया कि कई बार बस स्टॉप पर नहीं उससे आगे जाकर रुकती है। ऐसे में उन्हें पीछे से दौड़ लगानी पड़ती है। जब तक वे पहुंचती हैं, तब तक बस आगे निकल जाती है। बुजुर्ग महिलाओं और सामान लेकर सफर करने वाली महिलाओं को ज्यादा परेशानी होती है।
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महिलाओं की एक और बड़ी शिकायत बस के डेस्टिनेशन एलईडी बोर्ड को लेकर सामने आई। महिला यात्रियों के अनुसार कई बार बस के आगे लगा डेस्टिनेशन बोर्ड बंद रहता है।
ऐसे में सड़क पर खड़ी महिलाओं को यह पता नहीं चल पाता कि बस किस रूट पर जा रही है और उनका गंतव्य उस रूट में आता है या नहीं। महिलाओं ने बताया कि जब वे बस चालक या परिचालक से रूट के बारे में पूछती हैं तो कई बार उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं दिया जाता। इससे महिलाएं असमंजस में रहती हैं कि बस में सवार हों या दूसरी बस का इंतजार करें।