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Jammu News: हौज व ट्यूबवेल लगाने से केवल बहा पैसा, पानी नहीं
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कैली मंडी में जल शक्ति विभाग के लगाए हौज और ट्यूबवेलों का लोगों का नहीं मिल रहा लाभ
विभाग ने किया लाखों का खर्चा, काम अधूरा छोड़ देने से हो गई पैसे की बर्बादी
लोगों को अब भी चार से पांच दिन बाद ही मिल रहा रहा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जल शक्ति विभाग ने कस्बे में पानी की समस्या को दूर करने के लिए हौज बनाए और ट्यूबवेल लगाए हैं। लेकिन, उन सब को बीच में ही अधूरा छोड़ दिया गया। कहीं हौज को पाइप से नहीं जोड़ा गया तो किसी ट्यूबवेल को बिजली का कनेक्शन नहीं मिला। इससे केवल पैसे की बर्बादी हुई। लोगों को उनका कोई लाभ नहीं मिल पाया।
जानकारी के अनुसार कैली मंडी तालाब पर जल शक्ति विभाग ने एक ट्यूबवेल लगाया था। कुछ दिनों बाद पानी का स्तर गिर गया और ट्यूबवेल बंद हो गया। बाद में लोगों ने उपायुक्त से भेंट कर उक्त ट्यूबवेल को चालू कराने की गुहार लगाई। विभाग ने तीन और पाइप डालकर जलापूर्ति शुरू की। इसके लिए 14 लाख रुपये की लागत से 50 हजार गैलन पानी को जमा करने का एक हौज बनाया गया। एक वर्ष से हौज तैयार है, लेकिन उसे पाइप से नहीं जोड़ा गया। कैली मंडी के वार्ड ढंसाला मंडी में भी 25 लाख रुपये में एक ट्यूबवेल लगाया गया। दो वर्ष से वह ट्यूबवेल तैयार है। लेकिन, पंपसेट व बिजली का ट्रांसफार्मर ही नहीं लगाया गया।
इसी ट्यूबवेल के पानी को जमा करने के लिए निकट ही 5 लाख रुपये लगाकर एक हौज बनाया गया था, जिसे आज तक पाइप के साथ ही नहीं जोड़ा गया। कैली मंडी के वार्ड चक मंगा में ढाई वर्ष पूर्व चार लाख की लागत से 30 हजार गैलन पानी को जमा करने के लिए हौज बनाया गया था। महीनों बाद जब उसमें पानी जमा किया गया तो हौज फट गया। सारा पानी लीक हो गया। इससे जल शक्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर लोगों में रोष जताया। इतना पैसा बर्बाद होने के बाद भी लोगों को आज भी तीन दिन बाद ही पानी मिल रहा है।
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लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी लोगों को सुचारू जलापूर्ति नहीं मिल रही है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, जिनके कार्यकाल में ट्यूबवेल व हौज का निर्माण करवाया गया था। उन्होंने समय पर काम नहीं किया और धन की बर्बादी की।
- रविन्द्र सिंह लब्लू, सरपंच, मंडी कैली
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चक मंगा के लोगों की जलापूर्ति के लिए हौज बनाया गया था, जो लीक हो गया। यदि उक्त हौज को समय पर चालू किया जाता तो आज लोगों को हर रोज पानी मिलता। अब भी तीन दिनों बाद ही पानी मिल रहा है।
- देव राज, वार्ड 13 चक मंगा
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कैली मंडी तालाब पर बनाए ट्यूबवेल को चालू किया गया है। यदि हौज को पाइप के साथ जोड़ा जाए तो लोगों को हर रोज पानी मिल सकता है।
- रछपाल कुमार, मंडी कैली
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ढंसाला मंडी वार्ड में लगाया गया ट्यूबवेल दो वर्ष से तैयार है। लेकिन, उसमें न तो पंपसेट लगाया है और न ही बिजली का ट्रांसफार्मर लगाया है। उसके हौज को पाइप से भी नहीं जोड़ा गया है। लाखों रुपये खर्च करने पर भी योजना का लाभ आम आदमी को नहीं मिल रहा।
- पवन सिंह, निवासी सांबा
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ढंसाला मंडी में बने ट्यूबवेल व हौज के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। मैंने अभी चार्ज संभाला है। पानी को लेकर काफी शिकायतें मिल रही हैं। कैली मंडी में एक ओवरहेड टैंक एंगुएशन योजना के तहत बनाया गया था। उक्त योजना का फंड बंद हो गया। अब उसके लिए जल जीवन मिशन योजना से फंड मंगवाया जा रहा है।
- फिरोज मलिक, एईई, जल शक्ति विभाग, सांबा
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विभाग ने किया लाखों का खर्चा, काम अधूरा छोड़ देने से हो गई पैसे की बर्बादी
लोगों को अब भी चार से पांच दिन बाद ही मिल रहा रहा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जल शक्ति विभाग ने कस्बे में पानी की समस्या को दूर करने के लिए हौज बनाए और ट्यूबवेल लगाए हैं। लेकिन, उन सब को बीच में ही अधूरा छोड़ दिया गया। कहीं हौज को पाइप से नहीं जोड़ा गया तो किसी ट्यूबवेल को बिजली का कनेक्शन नहीं मिला। इससे केवल पैसे की बर्बादी हुई। लोगों को उनका कोई लाभ नहीं मिल पाया।
जानकारी के अनुसार कैली मंडी तालाब पर जल शक्ति विभाग ने एक ट्यूबवेल लगाया था। कुछ दिनों बाद पानी का स्तर गिर गया और ट्यूबवेल बंद हो गया। बाद में लोगों ने उपायुक्त से भेंट कर उक्त ट्यूबवेल को चालू कराने की गुहार लगाई। विभाग ने तीन और पाइप डालकर जलापूर्ति शुरू की। इसके लिए 14 लाख रुपये की लागत से 50 हजार गैलन पानी को जमा करने का एक हौज बनाया गया। एक वर्ष से हौज तैयार है, लेकिन उसे पाइप से नहीं जोड़ा गया। कैली मंडी के वार्ड ढंसाला मंडी में भी 25 लाख रुपये में एक ट्यूबवेल लगाया गया। दो वर्ष से वह ट्यूबवेल तैयार है। लेकिन, पंपसेट व बिजली का ट्रांसफार्मर ही नहीं लगाया गया।
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इसी ट्यूबवेल के पानी को जमा करने के लिए निकट ही 5 लाख रुपये लगाकर एक हौज बनाया गया था, जिसे आज तक पाइप के साथ ही नहीं जोड़ा गया। कैली मंडी के वार्ड चक मंगा में ढाई वर्ष पूर्व चार लाख की लागत से 30 हजार गैलन पानी को जमा करने के लिए हौज बनाया गया था। महीनों बाद जब उसमें पानी जमा किया गया तो हौज फट गया। सारा पानी लीक हो गया। इससे जल शक्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर लोगों में रोष जताया। इतना पैसा बर्बाद होने के बाद भी लोगों को आज भी तीन दिन बाद ही पानी मिल रहा है।
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लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी लोगों को सुचारू जलापूर्ति नहीं मिल रही है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, जिनके कार्यकाल में ट्यूबवेल व हौज का निर्माण करवाया गया था। उन्होंने समय पर काम नहीं किया और धन की बर्बादी की।
- रविन्द्र सिंह लब्लू, सरपंच, मंडी कैली
चक मंगा के लोगों की जलापूर्ति के लिए हौज बनाया गया था, जो लीक हो गया। यदि उक्त हौज को समय पर चालू किया जाता तो आज लोगों को हर रोज पानी मिलता। अब भी तीन दिनों बाद ही पानी मिल रहा है।
- देव राज, वार्ड 13 चक मंगा
कैली मंडी तालाब पर बनाए ट्यूबवेल को चालू किया गया है। यदि हौज को पाइप के साथ जोड़ा जाए तो लोगों को हर रोज पानी मिल सकता है।
- रछपाल कुमार, मंडी कैली
ढंसाला मंडी वार्ड में लगाया गया ट्यूबवेल दो वर्ष से तैयार है। लेकिन, उसमें न तो पंपसेट लगाया है और न ही बिजली का ट्रांसफार्मर लगाया है। उसके हौज को पाइप से भी नहीं जोड़ा गया है। लाखों रुपये खर्च करने पर भी योजना का लाभ आम आदमी को नहीं मिल रहा।
- पवन सिंह, निवासी सांबा
ढंसाला मंडी में बने ट्यूबवेल व हौज के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। मैंने अभी चार्ज संभाला है। पानी को लेकर काफी शिकायतें मिल रही हैं। कैली मंडी में एक ओवरहेड टैंक एंगुएशन योजना के तहत बनाया गया था। उक्त योजना का फंड बंद हो गया। अब उसके लिए जल जीवन मिशन योजना से फंड मंगवाया जा रहा है।
- फिरोज मलिक, एईई, जल शक्ति विभाग, सांबा