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Jammu News: दूसरों की प्यास बुझाने वाले हैंडपंप खुद प्यासे
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हैंडपंपों से पैसा बहा, पानी नहीं
आरएस पुरा के गांवों में 502 हैंडपंप, जिम्मेदारों की अनदेखी से 300 खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। सरकार की ओर से उप जिला आरएस पुरा के ग्रामीणों की प्यास बुझाने के लिए लगाए गए हैंडपंप खुद प्यासे हैं। विभागीय लापरवाही से 502 हैंडपंपों में से करीब 300 बंद हैं। स्वच्छ जल मुहैया करवाने की कवायद दम तोड़ रही है। जबकि, ग्रामीण विकास विभाग इसे लेकर संजीदा नहीं है। नतीजतन गांवों के लोगों को भीषण गर्मी में पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
हरेक हैंडपंप पर खर्च हुए थे 2 लाख रुपये
उप जिला आरएसपुरा के तीन ब्लॉक सुचेतगढ़, आरएस पुरा और मीरां साहिब में 66 पंचायतें हैं। सरकार ने इन पंचायतों के गांवों के सार्वजनिक स्थलों पर 502 इंडिया मार्क टू हैंडपंप लगाए थे। हरेक पर करीब 2 लाख रुपये खर्च आए थे। विभागीय अनदेखी से करीब 300 हैंडपंप दम तोड़ चुके हैं। कोई हैंडपंप छह माह तो कोई दो साल से बंद है। ऐसे में करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से लगाए गए 300 हैंडपंपों का लोगों को कोई फायदा नहीं मिल रहा है। शिकायत पर भी जिम्मेदार ठीक नहीं करवा रहे। न तो पंचायतें गंभीर हैं और न ही ग्रामीण विकास विभाग। लोगों का कहना है कि पंचायत सचिव से लेकर ब्लॉक व जिला मुख्यालय तक चक्कर काट रहे हैं, लेकिन आश्वासन ही मिल रहे हैं।
हर जगह गुहार, किसी ने नहीं सुनी पुकार : ओम प्रकाश
ब्लॉक मीरां साहिब के गांव बन सुल्तान निवासी ओम प्रकाश खजूरिया ने बताया कि बस्ती में लगा हैंडपंप एक साल से खराब है। इसे लेकर प्रधान व सचिव से लेकर बीडीओ तक गुहार लगाई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। सरकार की ओर से दो लाख रुपये खर्च कर गांव में लगाया हैंडपंप बेकार पड़ा है।
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विभागीय लापरवाही से हैंडपंप खराब : हरबंस लाल
पंचायत कुल्लियां के सरपंच हरबंस लाल का कहना है कि सरकार की परियोजना अच्छी है, पर विभागीय लापरवाही से जमीनी स्तर पर लाभ नहीं मिल रहा। पहले जल शक्ति विभाग ने देखरेख के लिए एक विंग बनाया था, पर अब कहीं सुनवाई नहीं हो रही। हैंडपंप खराब है। ब्लॉक खंड विकास अधिकारी से भी मिले, लेकिन समाधान नहीं निकला।
एसीडी ने नहीं उठाया फोन
उधर, उपजिले में बंद पड़े हैंडपंपों को लेकर ग्रामीण विकास विभाग से एसीडी प्रीति शर्मा से फोन पर बात करनी चाही, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। इससे लोगों की समस्या के समाधान को लेकर बात नहीं हो पाई।
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आरएस पुरा के गांवों में 502 हैंडपंप, जिम्मेदारों की अनदेखी से 300 खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। सरकार की ओर से उप जिला आरएस पुरा के ग्रामीणों की प्यास बुझाने के लिए लगाए गए हैंडपंप खुद प्यासे हैं। विभागीय लापरवाही से 502 हैंडपंपों में से करीब 300 बंद हैं। स्वच्छ जल मुहैया करवाने की कवायद दम तोड़ रही है। जबकि, ग्रामीण विकास विभाग इसे लेकर संजीदा नहीं है। नतीजतन गांवों के लोगों को भीषण गर्मी में पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
हरेक हैंडपंप पर खर्च हुए थे 2 लाख रुपये
उप जिला आरएसपुरा के तीन ब्लॉक सुचेतगढ़, आरएस पुरा और मीरां साहिब में 66 पंचायतें हैं। सरकार ने इन पंचायतों के गांवों के सार्वजनिक स्थलों पर 502 इंडिया मार्क टू हैंडपंप लगाए थे। हरेक पर करीब 2 लाख रुपये खर्च आए थे। विभागीय अनदेखी से करीब 300 हैंडपंप दम तोड़ चुके हैं। कोई हैंडपंप छह माह तो कोई दो साल से बंद है। ऐसे में करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से लगाए गए 300 हैंडपंपों का लोगों को कोई फायदा नहीं मिल रहा है। शिकायत पर भी जिम्मेदार ठीक नहीं करवा रहे। न तो पंचायतें गंभीर हैं और न ही ग्रामीण विकास विभाग। लोगों का कहना है कि पंचायत सचिव से लेकर ब्लॉक व जिला मुख्यालय तक चक्कर काट रहे हैं, लेकिन आश्वासन ही मिल रहे हैं।
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हर जगह गुहार, किसी ने नहीं सुनी पुकार : ओम प्रकाश
ब्लॉक मीरां साहिब के गांव बन सुल्तान निवासी ओम प्रकाश खजूरिया ने बताया कि बस्ती में लगा हैंडपंप एक साल से खराब है। इसे लेकर प्रधान व सचिव से लेकर बीडीओ तक गुहार लगाई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। सरकार की ओर से दो लाख रुपये खर्च कर गांव में लगाया हैंडपंप बेकार पड़ा है।
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विभागीय लापरवाही से हैंडपंप खराब : हरबंस लाल
पंचायत कुल्लियां के सरपंच हरबंस लाल का कहना है कि सरकार की परियोजना अच्छी है, पर विभागीय लापरवाही से जमीनी स्तर पर लाभ नहीं मिल रहा। पहले जल शक्ति विभाग ने देखरेख के लिए एक विंग बनाया था, पर अब कहीं सुनवाई नहीं हो रही। हैंडपंप खराब है। ब्लॉक खंड विकास अधिकारी से भी मिले, लेकिन समाधान नहीं निकला।
एसीडी ने नहीं उठाया फोन
उधर, उपजिले में बंद पड़े हैंडपंपों को लेकर ग्रामीण विकास विभाग से एसीडी प्रीति शर्मा से फोन पर बात करनी चाही, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। इससे लोगों की समस्या के समाधान को लेकर बात नहीं हो पाई।