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एंटी ड्रोन तकनीकी विकसित: औद्योगिक इकाइयों के पास पहुंची, सुरक्षा एजेंसियों दे रहीं ऑर्डर, जानिए खास बातें

Thu, 14 Oct 2021 09:55 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 14 Oct 2021 09:55 PM IST
सार

डीआरडीओ चीफ जी सतीश रेड्डी ने कहा कि कई औद्योगिक इकाइयों को यह तकनीक ट्रांसफर की गई है। अब ये इकाइयां सुरक्षा एजेंसियों से ऑर्डर ले रही हैं। अब एजेंसियां सीमा पार से आने वाले ड्रोन का सामना कर सकेंगी।

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DRDO has developed technology to deal with drone attacks told DRDO Chief G Satheesh Reddy in Jammu
ड्रोन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ड्रोन हमलों से निपटने की तकनीक डीआरडीओ ने विकसित कर ली है। आर्म्ड और सिक्योरिटी फोर्स इस तकनीकी को लेने का ऑर्डर दे रहे हैं। जम्मू पहुंचे डीआरडीओ चीफ जी सतीश रेड्डी ने बताया कि इस तकनीक में ड्रोन का मुकाबला करने के लिए आवश्यक सभी तत्व हैं। फिर चाहे वह ड्रोन का पता लगाना हो, इसको ट्रैक करना हो या फिर इसकी निगरानी करनी हो। यहां तक कि यह हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की प्रक्रिया में भी शामिल है।
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रेड्डी ने कहा कि कई औद्योगिक इकाइयों को यह तकनीक ट्रांसफर की गई है। अब ये इकाइयां सुरक्षा एजेंसियों से ऑर्डर ले रही हैं। अब एजेंसियां सीमा पार से आने वाले ड्रोन का सामना कर सकेंगी। स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के मौके पर यह तकनीक विकसित की जा चुकी थी।
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जम्मू में ड्रोन गतिविधियों को लेकर केंद्र के समक्ष एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी, जिससे निपटने के लिए डीआरडीओ को कहा गया था। खासकर वायुसेना स्टेशन जम्मू पर हमले के बाद तमाम सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह चिंता का विषय बन गया था। पाकिस्तान में बैठे आतंकी लगातार ड्रोन का इस्तेमाल कर हथियार, गोला बारूद और ड्रग्स की खेप भेज रहे हैं, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है।
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