{"_id":"619003f263e6ba5ccb5d0168","slug":"dr-jitendra-said-thinking-of-the-21st-century-will-lead-to-development-youth-need-to-think-technically","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर: डॉ. जितेंद्र ने कहा, 21वीं सदी की सोच रखने से होगा विकास, युवाओं को तकनीकी रूप से सोचने की जरूरत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर: डॉ. जितेंद्र ने कहा, 21वीं सदी की सोच रखने से होगा विकास, युवाओं को तकनीकी रूप से सोचने की जरूरत
Sat, 13 Nov 2021 11:59 PM IST
विमल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Sat, 13 Nov 2021 11:59 PM IST
सार
केंद्रीय मंत्री ने जम्मू विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी विज्ञान विभाग की प्रयोगशाला का किया शिलान्यास। उन्होंने कहा कि जब तक मानसिकता को नहीं बदला जाएगा। तब तक नए रास्ते नहीं खुल सकते हैं।
विज्ञापन
जम्मू विवि में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डा. जितेंद सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय मंत्री ने डॉ. जितेंद्र सिंह ने शनिवार को जम्मू विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी विज्ञान विभाग में प्रयोगशाला का शिलान्यास किया है। इस दौरान उन्होंने बताया कि विकास के लिए 21वीं सदी की मानसिकता वाली सोच रखनी होगी। विकास के लिए युवाओं को आधुनिक और तकनीकी रूप से सोचने की जरूरत है।
विज्ञापन
डॉ. सिंह ने बताया कि जब तक मानसिकता को नहीं बदला जाएगा। तब तक नए रास्ते नहीं खुल सकते हैं। युवाओं के लिए वर्तमान भारत में नवाचार और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने का तेजी से काम किया जा रहा है। कोई भी सरकार युवाओं को सरकारी नौकरी नहीं दे सकती है, लेकिन प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली जिम्मेदार सरकार ने आजीविका के अवसर प्रदान करने के लिए कई पहल शुरू की हैं। लेकिन युवाओं को अपनी मानसिकता को सरकारी नौकरी के चंगुल से बाहर निकालना होगा।
विज्ञापन
इस मामले में अभिभावकों को भी शिक्षित होने की जरूरत है। भारत आजादी के 75वें वर्ष का जश्न मना रहा है। स्वच्छंद भारत के 100 साल के होने से पहले अगले 25 वर्षों के लिए रोड मैप तैयार करने का समय आ गया है। कार्यक्रम के समापन पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने विवि के छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों के साथ बातचीत की। कार्यक्रम में विवि के वीसी प्रो. मनोज कुमार धर, अकादमिक मामलों के डीन प्रो. नरेश पाधा, प्रो. रजनी ढींगरा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन