जम्मू कश्मीर में 147 लंबित मामलों पर कोर्ट भड़की
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भ्रष्टाचार के मामले में शामिल अफसर के खिलाफ अभियोजन चलाने के मामले में दायर बहुचर्चित जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) की ओर से दायर अधूरी रिपोर्ट पर असंतोष जताया है।
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने जीएडी आयुक्त/सचिव को इस मामले में व्यापक रिपोर्ट अदालत में पेश कर उन अधिकारियों के नामों का खुलासा करने को कहा, जिनके खिलाफ 147 विभागीय जांच लंबित हैं। याचिका की सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने पाया कि 25 मार्च 2015 को दायर याचिका में तीन मुद्दों को उजागर किया गया।
इनमें 147 विभागीय जांचों को अंतिम रूप न देना, प्रदेश जवाबदेह आयोग का गठन न करना और जवाबदेह आयोग के अफसरों के लिए नियमों को अंतिम रूप न देना शामिल है। इस मामले में प्रतिवादी को व्यापक रिपोर्ट पेश करने को कहा गया था।
जांच को अंतिम रूप देने के बिना रिटायर्ड हुए कई
स्टेटस रिपोर्ट पर याचिकाकर्ता के वकील एसएस अहमद ने जीएडी की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन अफसरों के नाम ही नहीं दिए गए, जिनके खिलाफ विभागीय जांच लंबित है। इसके अलावा वह वर्तमान में कहां तैनात हैं और उनके खिलाफ जांच रिपोर्ट कहां पहुंची है।
साथ ही उनके खिलाफ जांच के लिए क्या कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि कई ऐसे मामले भी हैं, जिसमें अफसर के खिलाफ लगी विभागीय जांच को अंतिम रूप देने के बिना उन्हें रिटायर्ड कर दिया गया। कुछ मामलों में अधिकारी की भी पुष्टि नहीं की गई।
खंडपीठ ने जीएडी को इस संबंध में ताजा रिपोर्ट पेश कर तमाम सवालों का जवाब देने को कहा है। कोर्ट ने आयुक्त को यह सुनिश्चित करने को कहा कि अफसरों का रिटायरमेंट जांच में किसी तरह से बाधा न बने। खंडपीठ ने कहा कि जवाबदेही आयोग के गठन में अधिनियम में क्या संशोधन किए गए, इसकी जानकारी कानून विभाग ने स्पष्ट की है।