{"_id":"66072bad762e1f15f7089949","slug":"dharma-sabha-in-ranjan-highlights-the-biography-of-guru-ravidas-jammu-news-c-10-jam1008-331061-2024-03-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: रंजन में धर्मसभा, गुरु रविदास की जीवनी पर डाला प्रकाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: रंजन में धर्मसभा, गुरु रविदास की जीवनी पर डाला प्रकाश
विज्ञापन
नगरोटा क्षेत्र के रंजन के देविका में स्वामी गुरदीप गिरि के सानिध्य में कार्यक्रम का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नगरोटा क्षेत्र के रंजन के देविका में शुक्रवार को स्वामी गुरदीप गिरि के सानिध्य में आयोजित धर्म सभा में काफी संख्या में लोग पहुंचे। यहां गुरु रविदास की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया गया।
धर्मसभा में स्वामी गुरदीप गिरि ने गुरु रविदास के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। कहा कि वह उस समय एक प्रकाशस्तंभ के रूप में उभरे जब समाज अंधेरे से घिरा हुआ था। उस समय जाति और पंथ के आधार पर मनुष्यों के साथ भेदभाव किया जा रहा था। भाजपा नेता देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि महान गुरुओं और संतों की शिक्षाओं की प्रासंगिकता इस युग में पहले से कहीं अधिक महत्व रखती है, क्योंकि असहिष्णुता, घृणा और लालच जीवन का तरीका बन गए हैं। गुरु रवि दास का जीवन और शिक्षाएं मानवता को जाति, पंथ और रंग के बावजूद सभी की भलाई के लिए काम करने के लिए प्रेरित करती रहेंगी। समावेशिता की गौरवशाली विरासत को कायम रखना, मजबूत करना और धार्मिकता का दिव्य संदेश फैलाकर आने वाली पीढ़ी को सौंपना है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नगरोटा क्षेत्र के रंजन के देविका में शुक्रवार को स्वामी गुरदीप गिरि के सानिध्य में आयोजित धर्म सभा में काफी संख्या में लोग पहुंचे। यहां गुरु रविदास की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया गया।
धर्मसभा में स्वामी गुरदीप गिरि ने गुरु रविदास के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। कहा कि वह उस समय एक प्रकाशस्तंभ के रूप में उभरे जब समाज अंधेरे से घिरा हुआ था। उस समय जाति और पंथ के आधार पर मनुष्यों के साथ भेदभाव किया जा रहा था। भाजपा नेता देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि महान गुरुओं और संतों की शिक्षाओं की प्रासंगिकता इस युग में पहले से कहीं अधिक महत्व रखती है, क्योंकि असहिष्णुता, घृणा और लालच जीवन का तरीका बन गए हैं। गुरु रवि दास का जीवन और शिक्षाएं मानवता को जाति, पंथ और रंग के बावजूद सभी की भलाई के लिए काम करने के लिए प्रेरित करती रहेंगी। समावेशिता की गौरवशाली विरासत को कायम रखना, मजबूत करना और धार्मिकता का दिव्य संदेश फैलाकर आने वाली पीढ़ी को सौंपना है।
विज्ञापन