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जम्मू-कश्मीर: डीजीपी बोले, आतंकी हथियार छोड़ें, युवा कलम-किताब उठाकर प्रदेश की प्रगति में योगदान दें
Sun, 31 Oct 2021 05:43 PM IST
Trainee Trainee
पीटीआई, श्रीनगर
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Published by: Trainee Trainee
Updated Sun, 31 Oct 2021 05:43 PM IST
सार
पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा कि कश्मीर की स्थिति पहले से अब काफी बेहतर है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग हिंसा के खिलाफ हैं और वह शांति चाहते हैं।
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जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जम्मू-कश्मीर के पुलिस प्रमुख दिलबाग सिंह ने रविवार को कहा कि हिंसा में हालिया वृद्धि के बाद कश्मीर में स्थिति अब काफी बेहतर है। लोग शांति और विकास की ओर बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने आतंकियों से हथियार छोड़ने की अपील की है। स्थानीय युवाओं से कलम और किताब अपनाने के साथ जम्मू-कश्मीर की समृद्धि और प्रगति में अपना योगदान देने को कहा।
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राष्ट्रीय एकता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में वह मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इस मौके पर हुई दौड़ में लगभग 700 बच्चों, युवाओं और वयस्कों ने भाग लिया। सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि घाटी की स्थिति पहले से बेहतर है। लोग शांति चाहते हैं और वह हिंसा के खिलाफ हैं। कुछ हिंसक घटनाएं हुईं, लेकिन बड़े पैमाने पर स्थानीय लोगों ने इन घटनाओं की निंदा की।
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यह इस बात का संकेत है कि लोग शांति और विकास की तरफ बढ़ना चाहते हैं। अक्तूबर में घाटी में आतंकवादियों ने ग्यारह नागरिकों की हत्या कर दी गई थी। पुलिस प्रमुख ने आतंकियों से हथियार छोड़ने की अपील करते हुए कहा कि वह अपनी जान ही नहीं गंवाते बल्कि माता-पिता, समाज और लोगों के खिलाफ भी काम करते हैं। आतंकी घटनाओं से सभी प्रभावित होते हैं।
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उन्होंने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अपील को दोहराया कि घाटी के युवा अपने हाथों में बंदूकें और पत्थरों के बजाय किताबें लेकर जाएं। अपने भविष्य का निर्माण करें और केंद्र शासित प्रदेश की समृद्धि की दिशा में काम करें। डीजीपी ने कहा, मेरा एक ही संदेश है कि हथियार उठाकर नहीं, बल्कि कलम, किताबें और अपने माता-पिता और समाज के साथ काम करने से आपकी और समाज की बेहतरी होगी।