डीजीपी बोले: पाकिस्तानी ड्रोन से भेजी गई बोतलों में तरल विस्फोटक की पुष्टि, इससे निपटने को बनाएंगे रणनीति
पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के मॉड्यूल तेजी से ध्वस्त किए जा रहे हैं। वर्ष 2021 में आतंकियों के 85 मॉड्यूल किए खत्म किए गए। जिनमें से आधा दर्जन जम्मू और किश्तवाड़ में थे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा कि आतंकियों और उनके मददगारों का तेजी से सफाया हो रहा है। बीते वर्ष सुरक्षा बलों ने आतंकियों के 85 मॉड्यूल ध्वस्त किए हैं, जिनमें से आधा दर्जन जम्मू और किश्तवाड़ में थे। डीजीपी ने कहा कि श्रीनगर के अमीराकदल में हमला करने वाले आतंकियों की पहचान कर ली गई है। इस मामले पर भी जल्द कार्रवाई होगी।
छोटे-छोटे आतंकी मॉड्यूलों से सख्ती से निपटा जा रहा
पुलिस महानिदेशक कठुआ में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। बाद में उन्होंने जम्मू में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर कार्यक्रम में भी शिरकत की। डीजीपी ने कहा कि वर्तमान में जो छोटे-छोटे आतंकी मॉड्यूल सामने आ रहे हैं, उनसे सख्ती से निपटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में ही चार आतंकी मॉड्यूल ध्वस्त किए गए हैं।
ड्रोन से भेजी गई बोतलों में तरल विस्फोटक की पुष्टि
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि अरनिया सेक्टर में पिछले दिनों ड्रोन से भेजे गए हथियारों के साथ जो बातलें मिली थीं, उनमें तरल विस्फोटक की पुष्टि हो गई है। इस पदार्थ को जांच के लिए भेजा गया था। उन्होंने कहा कि कुछ और सामान भी पकड़ा गया है, जिसे जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर इसका खुलासा किया जाएगा।
आतंकवाद से बड़ी है नशे की चुनौती
डीजीपी ने कहा कि नशा तस्करी आतंकवाद से भी बड़ी चुनौती है, जिससे पुलिस अकेले नहीं लड़ सकती। इसमें पूरे समाज को सहयोग करना होगा। खासकर युवा पीढ़ी इस बड़ी चुनौती के खिलाफ खड़ी हो। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बड़े पैमाने पर नशा तस्करी की खेप पकड़ी है। इस पर पूरी तरह से रोक लगाने की कोशिश की जा रही है।