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हादसों को न्योता दे रहे देविका पर स्थित जर्जर पुल
ब्यूरो/अमर उजाला, उधमपुर
Updated Tue, 19 Aug 2014 12:04 AM IST
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उधमपुर शहर के बीच से होकर गुजर रही पवित्र देविका नदी पर स्थित पुराने जर्जर पुल लगातार हादसों को न्योता दे रहे हैं। हर रोज सैकड़ों की संख्या में लोग इन पुलों पर गुजर रहे हैं। एक पुल तो सरकारी हाई स्कूल के बाहर स्थित है, जिस पर हर रोज छात्राएं गुजर कर स्कूल पहुंचती है।
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जानकारी होने के बाद भी पीडब्ल्यूडी ने इन पुलों की मरम्मत को लेकर कोई योजना तैयार नहीं की है। जबकि कुछ दिन पहले ही सांई मंदिर के नजदीक देविका नदी पर बनाया गया पुल बारिश के दौरान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर देविका में गिर गया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।
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प्राचीन देविका नदी शहर के बीच से होकर गुजर रही है। इसको पार करने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में छह से ज्यादा पुल बनाए गए हैं। इनमें से एक पुल राष्ट्रीय राजमार्ग का है, जिसको देविका पुल के नाम से जाना जाता है। सभी पुल 30 वर्ष से भी ज्यादा पुराने हैं।
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वर्तमान समय में इनकी हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि दरारें साफ नजर आ रही है। कई पुलों की हालत इतनी खराब है कि तेज बारिश के दौरान किसी भी पल गिर सकते हैं। राजमार्ग के पुल पर हर रोज हजारों की संख्या में छोटे व बडे़ वाहन गुजर रहे हैं, जिनमें हजारों यात्री सवार रहते हैं।
एक पुल टीचर ट्रेनिंग गर्ल्स हाई स्कूल के ठीक सामने है। इसकी हालत सबसे ज्यादा खराब है। पुल कई हिस्सों से क्षतिग्रस्त हो चुका है। इसके किसी भी पल गिरने की संभावना सबसे ज्यादा बन चुकी है। छात्राओं ने बताया कि पुल को पार करके स्कूल पहुंचना उनके लिए मजबूरी है।
इसी तरह देविका शमशान घाट व ओमाड़ा मोड़ पर स्थित पुल की हालत खराब है। संजय सिंह, नरेश शर्मा व अन्य कई शहरवासियों ने बताया कि इन पुलों की मरम्मत की मांग को कई बार पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के सामने रखने के बावजूद किसी ने इनकी मरम्मत नहीं करवाई है।
- पीडब्ल्यूडी के पास केवल ओमाड़ा मोड़ का पुल है और इसकी मरम्मत के लिए 107 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर सरकार के पास भेजा जा चुका है, लेकिन इसको आज तक मंजूरी नहीं मिल पाई है। बाकी के पुल उनके अधीन नहीं है।
- यूके शर्मा, एक्सईएन पीडब्ल्युडी