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Jammu News: शौचालयों की दर्द कथा...जंगल के चक्कर छूटे तो कार्यालयों के लगने लगे

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Development problem
100 घरों को एक साल से नहीं मिली शौचालयों की निर्माण राशि
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संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। जहां सोच, वहां शौचालय। इस नारे के तरह भारत सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर शौचालय बनवाने का अभियान शुरू करवाया था। जम्मू जिले के सुदूर क्षेत्रों में लोगों के लिए यह शौचालय अब दर्द बन गए हैं। कारण, इनको बनवाने के लिए सरकार से मिलने वाली धन राशि निर्माण के एक साल बाद भी नहीं मिल पाना है। ग्रामीणों का कहना है कि अब जंगल के चक्कर तो छूट गए हैं लेकिन पैसा लेने के लिए कार्यालयों के बढ़ गए हैं। ऐसी ही दर्द भरी गाथा है ब्लॉक सामोआ की पंचायत बरडोह की। यहां की सरपंच मंगो देवी, भाजपा जिला सचिव सुरेश शर्मा और बरडोह पंचायत के पंचों ने लोगों को पैसा नहीं मिलने पर ब्लॉक विकास विभाग के खिलाफ रोष प्रकट किया है और धन राशि जल्द जारी करने की मांग उठाई है।
हमने शौचालयों की सोची लेकिन हमारे बारे में कोई नहीं सोच रहा
ग्रामीण सतपाल, रीता देवी, सोमा देवी, घारू राम तथा गांव कालाकस निवासी सत्या देवी कहती हैं कि हमें लगभग एक साल पहले प्रशासन की तरफ से अपने घरों में शौचालय बनवाने के लिए जागरूक किया गया था। विभाग के कहने पर उन्होंने अपने खर्च पर शौचालय तो बना लिए लेकिन हमें ग्रामीण विकास विभाग सामोआ के अधिकारियों की लापरवाही के चलते 12 हजार रुपये की राशि नहीं मिली। हम लोग एक साल से ब्लॉक विकास विभाग अधिकारी कार्यालय सामोआ के चक्कर काट रहे हैं और अब तो थक चुके हैं। हमारा पैसा देने के बारे में कोई नहीं सोच रहा है।
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100 घरों को मिलने हैं पैसे, 10 दिन में देने का मिला था आश्वासन
भाजपा जिला सचिव सुरेश शर्मा, सरपंच मंगो देवी, पंच रवि कुमार, पंच अशोक कुमार, पंच चिंता देवी और पंच लीला देवी ने बताया कि सामोआ से ब्लॉक विकास अधिकारी को इस बारे में कई बार बताया गया, फिर भी लोगों को शौचालय निर्माण के पैसे नहीं मिले। उन्होंने बताया कि जब स्वच्छ भारत के तहत लोगों को शौचालय बनाने के लिए कहा गया था तब 10 दिन बाद पैसे मिलने का आश्वासन मिला था। सरपंच ने बताया कि पंचायत के 100 परिवार खुले में शौच के लिए जंगल जाते थे। इनको जागरूक करके घरों में स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय बनवाए गए। ग्रामीणों ने बताया कि इस विषय में ग्रामीण विकास विभाग को जांच करनी चाहिए। लोगों ने मांग की कि जिम्मेदार अधिकारी को लापरवाही के चलते लोकसेवा अधिनियम के उल्लंघन के तहत सजा मिलनी चाहिए। इस विषय में बीडीओ सामोआ से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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कोट..एसडीएम
एसडीएम खौड़ अनिल कुमार ठाकुर से बात की तो उनका कहना था कि वह इस मामले में हस्तक्षेप कर पूरी जांच करवाएंगे और जल्दी ही लोगों को इस स्कीम के तहत मिलने वाला पैसा दिलवाएंगे।
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