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Jammu News: प्रदेश में प्लास्टिक वेस्ट से पक्की होंगी पीएमजीएसवाई-4 की 65% सड़कें
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- केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने दिए तकनीक इस्तेमाल करने के आदेश
- चयनित कुल 1781 किमी में से 1155 में होगा इस्तेमाल
- सीमेंट से बनने वाली सड़कों में 28 दिन होगी मानक परीक्षण की अवधि
- 4224 करोड़ रुपये चौथे चरण पर पांच साल में होंगे खर्च
राकेश शर्मा
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के चाैथे चरण में 65 फीसदी सड़कें प्लास्टिक से तैयार होंगी। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने निर्माण में इस तकनीक के इस्तेमाल का आदेश दिया है। सड़कों के निर्माण में वेस्ट प्लास्टिक सामग्री का इस्तेमाल होगा। इस योजना के तहत जम्मू-कश्मीर में 1781 किलोमीटर सड़कों का निर्माण होना है। इनमें से 1155 किलोमीटर तक सड़क प्लास्टिक से बनेगी।
योजना के चौथे चरण में जर्मन तकनीक फुल डेप्थ रिक्लमेशन (एफडीआर) का इस्तेमाल नहीं होगा। हालांकि, सीमेंट से सड़कें तैयार होंगी। मंत्रालय ने प्रदेश सरकार से इसकी जानकारी साझा की है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सीमेंट से बनने वाली सड़कों के मानक परीक्षण के लिए 28 दिन की अवधि तय की है। इस अवधि में विशेषज्ञ सड़क और फुटपाथ की जांच करेंगे। इसके बाद भुगतान होगा।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रदेश में पीएमजीएसवाई-4 का आगाज किया है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर पांच साल में 4224 करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्च आएगा। एक किलोमीटर सड़क निर्माण पर 237.14 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है। वेस्ट प्लास्टिक के इस्तेमाल से बनने वाली सड़कों का निर्माण आधे खर्च में होने की संभावना है। इसका लाभ केंद्र और प्रदेश दोनों सरकारों को होगा। सड़क निर्माण में प्रदेश की हिस्सेदारी दस फीसदी है और ताजा मंजूरी के एवज में सरकार को सड़क निर्माण पर 422 करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च करनी है। पीडब्ल्यूडी की प्रमुख अभियंता मीर तनवीर ने इसी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि फील्ड में सभी अधिकारियों को तय नियमों के अनुसार काम करने के आदेश दिए गए हैं।
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सड़क के किनारों पर लगाने होंगे फलदार पौधे
पीएमजीएसवाई के तहत बनने वाली सड़कों के दोनों ओर फलदार पौधे लगाने होंगे। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सड़क बनने के बाद मनरेगा के तहत इस कार्य को अंजाम देने की बात कही है। मंत्रालय ने प्रदेश सरकार को मनरेगा के फंड का इस्तेमाल पौधरोपण में करने का निर्देश दिया है। सड़क निर्माण में तय किए गए सभी नियमों का इस्तेमाल पीएमजीएसवाई के चौथे चरण में भी करना अनिवार्य किया गया है।
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केंद्र ने भेजा है 316 सड़कों के आदेश का पत्र
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के संबंध में ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधीनस्थ सचिव जैकब लालमलसान ने प्रदेश सरकार को पत्र जारी किया है। मंत्रालय के आदेशों में 316 सड़कों को नियमों के तहत मंजूरी दी गई है। प्रमुख अभियंता मीर तनवीर के अनुसार, केंद्र सरकार से आदेश मिलने के बाद प्रदेश में लोक निर्माण विभाग ने पीएमजीएसवाई पर टेंडर से जुड़ी औपचारिकताओं पर काम शुरू कर दिया है।
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- चयनित कुल 1781 किमी में से 1155 में होगा इस्तेमाल
- सीमेंट से बनने वाली सड़कों में 28 दिन होगी मानक परीक्षण की अवधि
- 4224 करोड़ रुपये चौथे चरण पर पांच साल में होंगे खर्च
राकेश शर्मा
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के चाैथे चरण में 65 फीसदी सड़कें प्लास्टिक से तैयार होंगी। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने निर्माण में इस तकनीक के इस्तेमाल का आदेश दिया है। सड़कों के निर्माण में वेस्ट प्लास्टिक सामग्री का इस्तेमाल होगा। इस योजना के तहत जम्मू-कश्मीर में 1781 किलोमीटर सड़कों का निर्माण होना है। इनमें से 1155 किलोमीटर तक सड़क प्लास्टिक से बनेगी।
योजना के चौथे चरण में जर्मन तकनीक फुल डेप्थ रिक्लमेशन (एफडीआर) का इस्तेमाल नहीं होगा। हालांकि, सीमेंट से सड़कें तैयार होंगी। मंत्रालय ने प्रदेश सरकार से इसकी जानकारी साझा की है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सीमेंट से बनने वाली सड़कों के मानक परीक्षण के लिए 28 दिन की अवधि तय की है। इस अवधि में विशेषज्ञ सड़क और फुटपाथ की जांच करेंगे। इसके बाद भुगतान होगा।
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केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रदेश में पीएमजीएसवाई-4 का आगाज किया है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर पांच साल में 4224 करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्च आएगा। एक किलोमीटर सड़क निर्माण पर 237.14 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है। वेस्ट प्लास्टिक के इस्तेमाल से बनने वाली सड़कों का निर्माण आधे खर्च में होने की संभावना है। इसका लाभ केंद्र और प्रदेश दोनों सरकारों को होगा। सड़क निर्माण में प्रदेश की हिस्सेदारी दस फीसदी है और ताजा मंजूरी के एवज में सरकार को सड़क निर्माण पर 422 करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च करनी है। पीडब्ल्यूडी की प्रमुख अभियंता मीर तनवीर ने इसी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि फील्ड में सभी अधिकारियों को तय नियमों के अनुसार काम करने के आदेश दिए गए हैं।
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सड़क के किनारों पर लगाने होंगे फलदार पौधे
पीएमजीएसवाई के तहत बनने वाली सड़कों के दोनों ओर फलदार पौधे लगाने होंगे। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सड़क बनने के बाद मनरेगा के तहत इस कार्य को अंजाम देने की बात कही है। मंत्रालय ने प्रदेश सरकार को मनरेगा के फंड का इस्तेमाल पौधरोपण में करने का निर्देश दिया है। सड़क निर्माण में तय किए गए सभी नियमों का इस्तेमाल पीएमजीएसवाई के चौथे चरण में भी करना अनिवार्य किया गया है।
केंद्र ने भेजा है 316 सड़कों के आदेश का पत्र
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के संबंध में ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधीनस्थ सचिव जैकब लालमलसान ने प्रदेश सरकार को पत्र जारी किया है। मंत्रालय के आदेशों में 316 सड़कों को नियमों के तहत मंजूरी दी गई है। प्रमुख अभियंता मीर तनवीर के अनुसार, केंद्र सरकार से आदेश मिलने के बाद प्रदेश में लोक निर्माण विभाग ने पीएमजीएसवाई पर टेंडर से जुड़ी औपचारिकताओं पर काम शुरू कर दिया है।