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Jammu News: पीएम कुसुम योजना का दिसंबर तक लक्ष्य बढ़ा, प्रदेश में लगेंगे 3650 सोलर वाटर पंप
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- 2023 में पांच हजार पंप लगने थे, औपचारिकताओं में उलझा रहा काम, लगाए गए सिर्फ 1350 पंप
सतीश वालिया
जम्मू। साइंस एंड टेक्नोलाॅजी विभाग की ओर से पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर वाटर पंप के लिए निर्धारित लक्ष्य 2023 में पूरा न होने पर अब इस साल दिसंबर तक इसे बढ़ा दिया गया है। इस साल विभाग की ओर से प्रदेशभर में 3650 सोलर पंप अलग-अलग जिलों में लगाए जाएंगे। बीते साल कुल 1350 पंप लग पाए थे, जबकि लक्ष्य पांच हजार पंप लगाने का था। औपचारिकताओं में काम उलझने के कारण लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। अब दिसंबर तक इसे पूरा किया जाना है।
सोलर पंप खेतों में लगने से सबसे ज्यादा फायदा किसानों को बिजली बिल और डीजल पर होने वाले खर्च का मिलना है। खेतों में पानी की जरूरत होती है। ऐसे में पंपों से रात-दिन पानी निकाला जाता है। इसकी एवज में किसान हजारों रुपये बिल का भुगतान करते हैं। प्रदेश में जम्मू, कठुआ, सांबा में नहरों से सिंचाई हो जाती है, जबकि पहाड़ी इलाकों में बारिश पर निर्भर रहना पड़ता है। समतल इलाकों में मौजूदा समय में 200 से ज्यादा पंप हैं। अब किसान बिजली या डीजल पंपों के बजाए सोलर पंप लगाने में रुचि ले रहे हैं। इससे सोलर सिस्टम से बिजली जमा होती रहती है। जरूरत पर पंप का प्रयोग कर खेत सिंचित किए जा सकते हैं। विभाग की ओर से भी बागवानी, कृषि भूमि का सर्वे किया जा रहा है। अलग-अलग विभागों के माध्यम से भी योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। योजना के तहत जारी गाइडलाइन के हिसाब से किसानों को औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पंप 120 दिनों के अंदर विभाग लगाता है।
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जम्मू-कश्मीर में 2020 में शुरू हुई योजना
जम्मू-कश्मीर में योजना 2019 में शुरू हुई थी। गाइडलाइन स्पष्ट न होने पर इसे 2020 में शुरू किया गया। इसके बाद पंप लगाने पर काम आरंभ हुआ। जनवरी 2023 से दिसंबर तक पांच हजार पंप लगाने का लक्ष्य रखा गया। इसमें किसानों की ओर से आवेदन भी किया गया, लेकिन इसे पूरा नहीं किया जा सका। अब इन तमाम आवेदनों में औपचारिकताओं को पूरा कर पंप स्थापित किए जाएंगे।
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70 फीसदी सब्सिडी सरकार
की तरफ से दी जा रही
इस योजना में 50 फीसदी सब्सिडी केंद्र सरकार की ओर से मिलती है, जबकि 30 प्रतिशत सब्सिडी प्रदेश सरकार देती है। किसान को सोलर वाटर पंप के लिए 20 फीसदी राशि ही खर्च करनी होती है। पंप लगाने के लिए संबंधित कार्यालयों में संपर्क करना होता है।
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दिसंबर 2024 तक योजना के तहत लक्ष्य को बढ़ाया गया है। कुल 3650 सोलर वाटर पंप लगाए जाएंगे। पहले दिसंबर 2023 तक पंप लगाने का लक्ष्य था। अभी तक 1350 पंप प्रदेशभर में लगाए गए हैं।
- नियाज भट्ट, सहायक अधिशासी अभियंता, साइंस एंड टेक्नाेलाॅजी विभाग
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सतीश वालिया
जम्मू। साइंस एंड टेक्नोलाॅजी विभाग की ओर से पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर वाटर पंप के लिए निर्धारित लक्ष्य 2023 में पूरा न होने पर अब इस साल दिसंबर तक इसे बढ़ा दिया गया है। इस साल विभाग की ओर से प्रदेशभर में 3650 सोलर पंप अलग-अलग जिलों में लगाए जाएंगे। बीते साल कुल 1350 पंप लग पाए थे, जबकि लक्ष्य पांच हजार पंप लगाने का था। औपचारिकताओं में काम उलझने के कारण लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। अब दिसंबर तक इसे पूरा किया जाना है।
सोलर पंप खेतों में लगने से सबसे ज्यादा फायदा किसानों को बिजली बिल और डीजल पर होने वाले खर्च का मिलना है। खेतों में पानी की जरूरत होती है। ऐसे में पंपों से रात-दिन पानी निकाला जाता है। इसकी एवज में किसान हजारों रुपये बिल का भुगतान करते हैं। प्रदेश में जम्मू, कठुआ, सांबा में नहरों से सिंचाई हो जाती है, जबकि पहाड़ी इलाकों में बारिश पर निर्भर रहना पड़ता है। समतल इलाकों में मौजूदा समय में 200 से ज्यादा पंप हैं। अब किसान बिजली या डीजल पंपों के बजाए सोलर पंप लगाने में रुचि ले रहे हैं। इससे सोलर सिस्टम से बिजली जमा होती रहती है। जरूरत पर पंप का प्रयोग कर खेत सिंचित किए जा सकते हैं। विभाग की ओर से भी बागवानी, कृषि भूमि का सर्वे किया जा रहा है। अलग-अलग विभागों के माध्यम से भी योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। योजना के तहत जारी गाइडलाइन के हिसाब से किसानों को औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पंप 120 दिनों के अंदर विभाग लगाता है।
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जम्मू-कश्मीर में 2020 में शुरू हुई योजना
जम्मू-कश्मीर में योजना 2019 में शुरू हुई थी। गाइडलाइन स्पष्ट न होने पर इसे 2020 में शुरू किया गया। इसके बाद पंप लगाने पर काम आरंभ हुआ। जनवरी 2023 से दिसंबर तक पांच हजार पंप लगाने का लक्ष्य रखा गया। इसमें किसानों की ओर से आवेदन भी किया गया, लेकिन इसे पूरा नहीं किया जा सका। अब इन तमाम आवेदनों में औपचारिकताओं को पूरा कर पंप स्थापित किए जाएंगे।
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70 फीसदी सब्सिडी सरकार
की तरफ से दी जा रही
इस योजना में 50 फीसदी सब्सिडी केंद्र सरकार की ओर से मिलती है, जबकि 30 प्रतिशत सब्सिडी प्रदेश सरकार देती है। किसान को सोलर वाटर पंप के लिए 20 फीसदी राशि ही खर्च करनी होती है। पंप लगाने के लिए संबंधित कार्यालयों में संपर्क करना होता है।
दिसंबर 2024 तक योजना के तहत लक्ष्य को बढ़ाया गया है। कुल 3650 सोलर वाटर पंप लगाए जाएंगे। पहले दिसंबर 2023 तक पंप लगाने का लक्ष्य था। अभी तक 1350 पंप प्रदेशभर में लगाए गए हैं।
- नियाज भट्ट, सहायक अधिशासी अभियंता, साइंस एंड टेक्नाेलाॅजी विभाग