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दस प्रमुख क्षेत्रों में पीपीपी आधार पर होंगे विकास कार्य

Sat, 05 Dec 2015 10:56 AM IST
Updated Sat, 05 Dec 2015 10:56 AM IST
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development in 10 sectors with ppp model said dr. drabu

बुनियादी सुविधाओं का स्तर ऊंचा करने के उद्देश्य से सरकार ने दस प्रमुख क्षेत्रों में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के आधार पर कार्य करने का फैसला किया है।

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इसके लिए तौयार व्यापक नीति को कैबिनेट ने मंजूरी भी प्रदान कर दी है। वित्त मंत्री डा. हसीब द्राबू ने कहा कि जिन क्षेत्रों में पीपीपी के आधार पर कार्य होगा, उनमें आवास, सार्वजनिक उपयोग के उपक्रम, स्वास्थ्य, सड़क, पर्यटन, तकनीकी शिक्षा, खेल, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, बागवानी और पशुपालन क्षेत्र शामिल हैं।
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कुछ क्षेत्रों में सरकार निजी कंपनियों के साथ संयुक्त उद्यम (ज्वाइंट वेंचर) पर काम करेगी, जिसमें 51-49 फीसदी की भागीदारी होगी। इसमें पर्यटन के क्षेत्र भी शामिल होगा। अलग-अलग क्षेत्रों के लिए विभिन्न जिलों का चयन किया गया है।
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डा. द्राबू ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि पीपीपी के तहत हाउसिंग सेक्टर के नए प्रोजेक्ट ‘रख-ए-अर्थ’ के लिए जम्मू के गांधी नगर और श्रीनगर के जवाहर नगर को चुना गया है।

सड़क क्षेत्र में सोनावर-गलांधर रोड, छात्रु-वैलू टनल, मुगल रोड और अंतर जिला रोड शामिल हैं। पर्यटन के क्षेत्र में रंजीत सागर डैम और दूध पथरी को अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए संयुक्त उद्यम पर काम होगा।

खेल के क्षेत्र में जम्मू और श्रीनगर में स्पोर्ट्स सिटी बनाई जाएंगी। साथ ही विश्व स्तरीय स्टेडियमों का निर्माण किया जाएगा। सरकारी अस्पतालों को पीपीपी आधार पर अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।

बागवानी के क्षेत्र में उच्च घनत्व पौधरोपण को प्रोत्साहन दिया जाएगा। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल के तहत कौशल विकास संस्थानों का गठन किया जाएगा।

हर तरफ होगा विकास

development in 10 sectors with ppp model said dr. drabu

वाणिज्यिक परियोजनाएं, मसलन मल्टी लेवल पार्किंग और सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट को भी पीपीपी आधार पर संचालित किया जाएगा। वित्तमंत्री ने कहा कि बड़े फंड की जरूरत वाली सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं के लिए ‘पीपीपी’ फंडिंग और आपरेशनल माडल है।

पीपीपी आधार पर किसी भी क्षेत्र में बोली लगाने से पहले वित्त, योजना एवं विकास विभाग की सहमति अनिवार्य होगी। तमाम पीपीपी परियोजनाओं को मंजूरशुदा माडल और दिशा निर्देशों का पालन करना होगा।

स्टेट कैबिनेट के अनुमोदन के बाद ही इन्हें लागू किया जाएगा। वित्त मंत्री के अनुसार कौशल निर्माण आज के युग में हर क्षेत्र के लिए जरूरत बन गया है।

कई परियोजनाओं में कौशल विकास नहीं होने के कारण बाहरी राज्यों के लोगों को काम के लिए लाना पड़ता है। सरकार ने कौशल निर्माण के लिए कदम बढ़ाया है।

इसके लिए नया ढांचा न बनाकर रोजगार, तकनीकी और स्कूल शिक्षा विभाग की इमारतों और ढांचों का उपयोग किया जाएगा। डा. द्राबू ने कहा कि विश्वविद्यालयों को वित्तीय स्वायत्तता प्रदान करने के लिए सरकार की ओर से वार्षिक ब्लाक फंड प्रदान किया जाएगा।

इसका उपयोग विश्वविद्यालय अपने ढंग से करेंगे। सरकार का सिर्फ इस पर चेक रहेगा। इसके अलावा विश्वविद्यालय अपने स्तर पर भी फंड पैदा कर सकते हैं, जिसका उपयोग विश्वविद्यालय के लिए ही होगा।

कटड़ा में माता वैष्णो देवी सांझी छत तक चलने वाली चॉपर सेवा पर लगाए गए सर्विस टैक्स को वापस लेने के लिए सरकार अनिच्छुक नजर आ रही है।

वित्त मंत्री डा. हसीब द्राबू ने कहा कि जब से चॉपर सेवा पर टैक्स लगाया गया है, तब से ही इसे मुद्दा बनाया जा रहा है। चॉपर में अमीर लोग ही सफर करते हैं। उन्हें टैक्स देने से परहेज नहीं होना चाहिए।

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