कठुआ। पिछले काफी समय से शिक्षकों की लंबित मांगों को सरकारों द्वारा गौर किए जाने पर यूनाइटेड स्कूल टीचर्स एसोसिएशन शिक्षक दिवस को शिक्षक मांग दिवस के रुप में मनाया है। रविवार को एसोसिएशन द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान प्रांतीय प्रधान डॉ शशि पाल सिंह ने कहा कि भले ही आज हम शिक्षकों को सम्मान देने के लिए शिक्षक दिवस मना रहे हैं। लेकिन जम्मू-कश्मीर में पिछले काफी समय से शिक्षकों को उनके जायज हिस्से से वंचित रखा जा रहा है। जिसके चलते इस वर्ग में काफी निराशा है। उन्होंने कहा कि पिछले काफी समय से सरकार द्वारा शिक्षकों की तबादला नीति पर गौर नहीं किया जा रहा है। जिसके कारण दूरदराज के इलाकों में सेवा देने वाले शिक्षकों को उनकों अपने घरों के पास सेवा का अवसर नही मिल पा रहा है। वहीं, वर्षों से विभाग में शिक्षकों की पदोन्नति रुकी हुई है जिससे शिक्षक वर्ग प्रभावित हो रहा है उन्होंने सरकार से सकल घरेलू उत्पाद का 6 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा के बजट के रूप में रखने की मांग करते हुए कहा कि हमारे सरकारी स्कूलों में ढांचागत सुविधाओं को विकसित करने की बहुत जरूरत है। जोकि बजट के माध्यम से ही पूरा किया जा सकता है। वहीं उन्होंने जम्मू कश्मीर में शिक्षकों के खाली पड़े 20 हजार पदों को भी भरे जाने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि अगर सरकार शिक्षकों की लंबित मांगों पर गौर करेगी तो आने वाली पीढ़ी का भविष्य भी बेहतर होगा। इस मौके पर एसोसिएशन के जिला प्रधान रतन सिंह पठानिया, सचिव बोधराज, शिक्षक नेता प्रभात सिंह, अशोक कुमार, विनायक शर्मा, सुदेश कुमार, राम लाल वर्मा, शिवकुमार शर्मा, राधेश्याम आदि उपस्थित रहे।