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अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग
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जम्मू। पहाड़ी एसटी फ्रंट ने बुधवार को प्रदर्शनी मैदान के बाहर प्रदर्शन कर अनुसूचित जनजाति का दर्जे के लिए आवाज बुलंद की।
प्रदर्शन की अध्यक्षता करते हुए विक्रांत शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने पहाड़ियों को अनुसूचित जनजाति को दर्जा देने का आश्वासन दिया है, लेकिन अभी तक इसकी घोषणा नहीं की गई है। इसे हालांकि, पहाड़ी लोग लंबे समय से इसकी मांग कर रहे हैं। नौकरी और शिक्षण संस्थान में पहाड़ी समुदाय के युवाओं को चार फीसदी आरक्षण मिल रहा है। अनुसूचित जनजाति का पहाड़ियों के लिए कहीं भी विकल्प नहीं आता है।
प्रदर्शन के माध्यम से फोरम सरकार को जगाने की कोशिश की है। जहांगीर आलम खान ने बताया कि जनजाति का दर्जा प्रदेश के उन लोगों को मिलना चाहिए जो अपने माल मवेशी लेकर ऋतु परिवर्तन होने के साथ पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में आवागमन करते हैं। उन लोगों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उनके पास जमीन और अन्य सुविधाओं का अभाव है। इसी को ध्यान में रखकर सरकार ने लोगों को जनजाति का दर्जा देने का आश्वासन दिया है। सरकार को चाहिए कि जल्द इसकी घोषणा की जाए।
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प्रदर्शन की अध्यक्षता करते हुए विक्रांत शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने पहाड़ियों को अनुसूचित जनजाति को दर्जा देने का आश्वासन दिया है, लेकिन अभी तक इसकी घोषणा नहीं की गई है। इसे हालांकि, पहाड़ी लोग लंबे समय से इसकी मांग कर रहे हैं। नौकरी और शिक्षण संस्थान में पहाड़ी समुदाय के युवाओं को चार फीसदी आरक्षण मिल रहा है। अनुसूचित जनजाति का पहाड़ियों के लिए कहीं भी विकल्प नहीं आता है।
प्रदर्शन के माध्यम से फोरम सरकार को जगाने की कोशिश की है। जहांगीर आलम खान ने बताया कि जनजाति का दर्जा प्रदेश के उन लोगों को मिलना चाहिए जो अपने माल मवेशी लेकर ऋतु परिवर्तन होने के साथ पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में आवागमन करते हैं। उन लोगों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उनके पास जमीन और अन्य सुविधाओं का अभाव है। इसी को ध्यान में रखकर सरकार ने लोगों को जनजाति का दर्जा देने का आश्वासन दिया है। सरकार को चाहिए कि जल्द इसकी घोषणा की जाए।
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