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Jammu News: अंतरराष्ट्रीय सीमा आरक्षण की सूची में छूटे ग्रामीणों को भी करें शामिल
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बॉर्डर वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन ने डीसी को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। बॉर्डर वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के चेयरमैन अविनाश चौधरी ने अंतरराष्ट्रीय सीमा आरक्षण की सूची में छूटे गांवों को सूची में शामिल करने और सर्वे ऑफ इंडिया की सीमा से गावों की दूरी की सूची से त्रुटि को सही करने के लिए उपायुक्त अनुराधा गुप्ता को ज्ञापन सौंपा।
सनद रहे कि बीते वर्ष केंद्र सरकार ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर रहने वाले लोगों के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा आरक्षण का ऐलान किया था। अंतरराष्ट्रीय सीमा आरक्षण प्रमाण पत्र बनाने के लिए सीमा से गांव तक की हवाई दूरी 6 किलोमीटर रखी गई थी। इसके बावजूद तहसील रामगढ़ और विजयपुर के गांव चक सलारियां, करलियां कलां, करालियां खुर्द, रडमा खुर्द, कैरावाली, बंदराल, सारवा और सपवाल कैंप ऐसे गांव हैं जो 6 किमी के अंदर होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय सीमा आरक्षण की सूची में शामिल नहीं किए गए।
अविनाश ने कहा कि प्रशासन की तरफ से बताया जाता है कि सर्वे ऑफ इंडिया के अनुसार ये गांव 6 किमी के अंदर नहीं आते। जबकि, सच यह है कि ये गांव 6 किमी के अंदर ही हैं। सरकार को एक बार फिर हवाई दूरी मापना चाहिए, और त्रुटि को सही करना चाहिए। साथ ही उन्होंने आरक्षण देने के लिए तय किए आय प्रमाण पत्र की औपचारिकता को भी हटाने की मांग की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। बॉर्डर वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के चेयरमैन अविनाश चौधरी ने अंतरराष्ट्रीय सीमा आरक्षण की सूची में छूटे गांवों को सूची में शामिल करने और सर्वे ऑफ इंडिया की सीमा से गावों की दूरी की सूची से त्रुटि को सही करने के लिए उपायुक्त अनुराधा गुप्ता को ज्ञापन सौंपा।
सनद रहे कि बीते वर्ष केंद्र सरकार ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर रहने वाले लोगों के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा आरक्षण का ऐलान किया था। अंतरराष्ट्रीय सीमा आरक्षण प्रमाण पत्र बनाने के लिए सीमा से गांव तक की हवाई दूरी 6 किलोमीटर रखी गई थी। इसके बावजूद तहसील रामगढ़ और विजयपुर के गांव चक सलारियां, करलियां कलां, करालियां खुर्द, रडमा खुर्द, कैरावाली, बंदराल, सारवा और सपवाल कैंप ऐसे गांव हैं जो 6 किमी के अंदर होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय सीमा आरक्षण की सूची में शामिल नहीं किए गए।
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अविनाश ने कहा कि प्रशासन की तरफ से बताया जाता है कि सर्वे ऑफ इंडिया के अनुसार ये गांव 6 किमी के अंदर नहीं आते। जबकि, सच यह है कि ये गांव 6 किमी के अंदर ही हैं। सरकार को एक बार फिर हवाई दूरी मापना चाहिए, और त्रुटि को सही करना चाहिए। साथ ही उन्होंने आरक्षण देने के लिए तय किए आय प्रमाण पत्र की औपचारिकता को भी हटाने की मांग की।
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