सेना प्रमुख बोले: कश्मीर में शांति से बौखलाहट में पाकिस्तान, राजोरी-पुंछ में आतंक को उकसावा देने की कोशिश
सेना प्रमुख ने कहा कि राजोरी और पुंछ में 2003 से 2017-18 तक शांति रही है। पिछले छह महीनों में इन क्षेत्रों में आतंकवादी गतिविधियां चिंता का विषय रही है।
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सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तानी सेना राजोरी और पुंछ क्षेत्र में आतंकवाद को बढ़ाने की कोशिश करे रही है। कश्मीर घाटी में शांति बहाल हो रही है। ऐसे में देश विरोधी ताकतें छद्म तंजीमों को उकसावा दे रही हैं, जिन पर जल्द काबू पा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजोरी और पुंछ में 2003 से 2017-18 तक शांति रही है। पिछले छह महीनों में इन क्षेत्रों में आतंकवादी गतिविधियां चिंता का विषय रही है।
थलसेना अध्यक्ष ने कहा कि एलओसी पर सीजफायर है, लेकिन घुसपैठ की कोशिशें हो रही हैं, जिन्हें हमने नाकाम किया है। हमने मजबूत एंटी ड्रोन सिस्टम बनाया है, जिससे ड्रोन के जरिए सीमा पार से हथियारों और ड्रग्स की तस्करी ना हो पाए।
उन्होंने आगे कहा, 'हमारी उत्तरी सीमा पर हालात स्थिर, लेकिन तनावपूर्ण बने हुए हैं। हम लगातार बातचीत के जरिए मुद्दों का हल ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं। हमारी ऑपरेशनल तैयारी बहुत अच्छी है और तैनाती भी नियंत्रित और विस्तृत है।'
#WATCH | Delhi: COAS General Manoj Pande says, "...The situation and terrorist activities in Rajouri and Poonch in the last 5-6 months have been an issue of concern to us. By 2003, terrorism in this area was fully disseminated and peace was established there till 2017-18. Because… pic.twitter.com/51qKjri54p
— ANI (@ANI) January 11, 2024
थलसेना अध्यक्ष जनरल मनोज पांडे ने बताया, 'अग्निवीरों के पहले दो बैच फील्ड यूनिट में तैनाती के लिए पूरी तरह तैयार हैं और इनके फीडबैक काफी अच्छे और उत्साहजनक हैं। 120 महिला अअधिकारियों को भी कमांड भूमिका में स्थायी कमीशन दिया गया है और उनकी फील्ड एरिया में भी तैनाती की गई है। वह भी अच्छा काम कर रही हैं।'
जनरल मनोज पांडे ने कहा कि उत्तर पूर्व में बीते साल हालात बेहतर हुए हैं और इसकी जिम्मेदार सरकार द्वारा बनाई गई नीतियां हैं। हिंसा की घटनाएं कम हुई हैं। मणिपुर में बीते साल मई में हिंसा हुई थी लेकिन राज्य सरकार, सेना और असम राइफल्स के संयुक्त प्रयासों से हालात अभी स्थिर हैं और हम हालात को सामान्य करने के लिए काम कर रहे हैं।