विदेशी राजनयिकों ने कश्मीर की जानीं जमीनी हकीकत, सैन्य अधिकारियों ने सुरक्षा हालात बताए
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पंद्रह देशों के राजनयिकों के दल ने वीरवार को कश्मीर पहुंचकर जमीनी हकीकत का जायजा लिया। इस दौरान सैन्य अधिकारियों ने उन्हें सुरक्षा हालात के बारे में बताया। दो दिनी दौरे पर आए दल से नेताओं ने भी मुलाकात की। शाम को यह दल जम्मू आया। यहां उप राज्यपाल जीसी मुर्मू से मुलाकात कर राज्य के हालात तथा कानून व्यवस्था के बारे में जानकारी हासिल की। अनुच्छेद 370 हटने के बाद यह विदेशी राजनयिकों का दूसरा दौरा है। इससे पहले 23 सांसदों का दल दो दिवसीय दौरे पर घाटी पहुंचा था। विदेशी राजनयिकों के दौरे को लेकर कांग्रेस, पीडीपी तथा नेकां ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है।
विदेशी राजनयिकों को 15वीं कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने घाटी तथा एलओसी पर सुरक्षा हालात की जानकारी दी। कहा कि पाकिस्तान की ओर से लगातार अड़चनें डाली जा रही हैं। हर वक्त घाटी में अशांति पैदा करने की कोशिशें की जा रही हैं। इसके लिए तमाम तरह की आतंकी घटनाओं को प्रायोजित किया जा रहा है। इसका सेना डटकर मुकाबला कर रही है। सैन्य कमांडर ने घाटी की आतंरिक सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही एलओसी पर भी की गई तैयारियों के बारे में जानकारी दी।
विदेशी राजनयिकों ने की थी मांग
इस दल ने सिविल सोसाइटी के सदस्यों से भी मुलाकात कर हालात जाने। रियल कश्मीर फुटबाल क्लब के संदीप छातू ने बताया कि खेल का राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है। तीन साल पुरानी क्लब की उपलब्धियों को भी बताया। कहा कि खेल के जरिये युवाओं का रुझान घाटी में लगातार बढ़ रहा है। बाद में पूर्व मंत्री तथा पीडीपी के पूर्व नेता अल्ताफ बुखारी के नेतृत्व में नेताओं का दल मिला।
उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की सराहना की। कहा कि इन प्रयासों की वजह से किसी प्रकार की अनहोनी नहीं हुई है। जिन 15 देशों के राजदूत व उच्चायुक्त दौरे पर आए उनमें अमेरिका, दक्षिण कोरिया, वियतनाम, बांग्लादेश, मालदीव, मोरक्को, फि जी, नॉर्वे, फि लिपिंस, अर्जेंटिना, पेरू, नाइजीरिया, टोगो और गुयाना के लोग शामिल थे।
सामान्य हालात के गवाह बने
विदेशी राजनयिक पाकिस्तानी दुष्प्रचार के उलट घाटी में सामान्य हालात के गवाह बने। श्रीनगर में दुकानें खुली हुई थीं। सड़कों पर गाड़ियां सामान्य रूप से आ-जा रही थीं और बाजार लोगों से गुलजार थे। लोग सामान्य रूप से घूमते हुए दिखे। होटल जाते वक्त विदेशी दल को डल झील के आस पास भी काफी संख्या में लोग दिखे।