कैबिनेट की पहली बैठक में लिए गए अहम फैसले
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कैबिनेट की पहली बैठक में सोमवार को कई अहम फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्वाइन फ्लू के प्रसार पर चिंता व्यक्त करते हुए जम्मू और श्रीनगर में दो जांच केंद्र खोलने को मंजूरी दी गई। स्वाइन फ्लू पर नियंत्रण के लिए जम्मू के जीएमसी में 6 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से जांच केंद्र की स्थापना होगी।
श्रीनगर के चेस्ट डिजीज अस्पताल में इस सुविधा को बहाल किया जाएगा। इसके लिए राशि वार्षिक योजना से उपलब्ध कराई जाएगी। दोनों केंद्रों को युद्धस्तर पर जल्द शुरू करने का फैसला लिया गया है। कैबिनेट ने मौसम की खराबी से हो रहे नुकसान की समीक्षा भी की।
कैबिनेट ने बारिश और बर्फवारी से प्रभावित बिजली आपूर्ति, यातायात, और पेयजल की आपूर्ति व्यवस्था को शीघ्र बहाल करने के निर्देश दिए हैं। सड़कों से बर्फ हटाने के लिए तुरंत व्यवस्था के निर्देश मुख्य सचिव को दिए।
पारदर्शिता के साथ सुशासन का वादा
बाढ़ राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा के लिए कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार साख बनाने की कोशिश करेगी और व्यवस्था का पुनर्निर्माण होगा। कैबिनेट ने बाढ़ राहत के लिए अब तक उठाए गए कदमों की समीक्षा की। नुकसान के आकलन और जरूरतों के लिए कैबिनेट सब कमेटी के गठन का फैसला लिया गया है।
बाढ़ नियंत्रण विभाग के मंत्री इस कमेटी के अध्यक्ष होंगे। इसके अलावा मंत्री लाल सिंह, हसीब द्राबू, मोहम्मद अल्ताफ बुखारी, इमरान रजा अंसारी इस कमेटी के सदस्य होंगे। मंत्रिमंडल की पहली बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से सरकार की साख कायम करने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी मंत्री पूरी रियासत को अपना क्षेत्र समझें।
उन्होंने कहा कि जनता की उम्मीदों पर इस सरकार को खरा उतरना होगा जिसके लिए हमें जनादेश मिला है। उन्होंने शासन में जिम्मेदारी और पारदर्शिता लाने पर जोर देते हुए सुशासन लाने की बात कही। मुफ्ती ने कहा कि यह उम्मीदों के गठबंधन की सरकार है।
बजट सत्र 18 मार्च से
मुख्यमंत्री ने कहा कि रियासत और देश के अन्य राज्यों के बीच विश्वास के संकट को समाप्त करना है। खित्तों के बीच भावनात्मक एकता लाना प्राथमिक एजेंडे में शुमार है। उन्होंने कहा कि वह परिवार के मुखिया की तरह काम करेंगे। मुफ्ती ने कहा कि गठबंधन एजेंडा लागू करना सुशासन के लिए जरूरी है।
उन्होंने टीम भावना पर जोर दिया। भ्रष्टाचार उन्मूलन पर भी जोर दिया। उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने कहा कि सुशासन के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। कैबिनेट ने विधायक मीर मोहम्मद उड़ी को प्रोटेम स्पीकर बनाने की अनुशंसा राज्यपाल से की है। नए स्पीकर के चुनाव तक वह विधानसभा में नए विधायकों को शपथ दिलाएंगे।
नए विधायकों का शपथ ग्रहण 17 मार्च को होगा। कैबिनेट ने 18 मार्च से विधानसभा का बजट सत्र बुलाने की अनुशंसा की है। पहले दिन राज्यपाल एन एन वोहरा संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे। राज्यपाल के अभिभाषण से पहले उसी दिन स्पीकर का चुनाव भी होगा। भाजपा विधायक कवीन्द्र गुप्ता को स्पीकर बनाया जाना तय है।