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Jammu News: विकास कार्यों में अनावश्यक देरी से बचने के लिए अंतर समन्वय जरूरी - डीसी
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जम्मू। जिले में विभिन्न विभाग आगामी विकास कार्यों के लिए अंतर समन्वय बनाएं ताकि अनावश्यक देरी और बाधा दूर हो सके। इस उद्देश्य के साथ डीसी सचिन कुमार वैश्व ने वीरवार को प्रमुख विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को उपयोगिताओं को स्थानांतरित के एसओपी तैयार करने के लिए कहा।
बैठक में लोक निर्माण, जल शक्ति, यूईईडी और बिजली विकास के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने परियोजनाओं के सुचारू निष्पादन के लिए संपत्तियों को स्थानांतरित करने के समाधानों पर चर्चा की। पाइपलाइन बिछाने के लिए खुदाई, सड़क चौड़ीकरण के लिए बिजली के खंभों को स्थानांतरित करना सहित अन्य कार्य में आपसी तालमेल बनाए रखने पर जाेर दिया। उन्होंने कहा कि अंतर विभागीय समन्वय से ही जन कल्याण को प्राथमिकता मिलेगी। उपयोगिता स्थानांतरण में सभी महत्वपूर्ण अंतर विभागीय मुद्दों की एक सूची मांगी। इसका उद्देश्य अधिकारियों को मौजूदा बाधाओं की समग्र समझ से लैस करना है। यहां अधीक्षण अभियंता हाइड्रोलिक सर्किल जम्मू विवेक कोहली, एसई पीडब्ल्यूडी उत्तरी जुगल किशोर, एसई पीडब्ल्यूडी दक्षिण अश्वनी कुमार, कार्यकारी अभियंता पीएचई ग्रामीण आशीष खजूरिया व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। ब्यूरो
मुख्य सचिव से मुलाकात में साझा की सांस्कृतिक चिंताएं
जम्मू। भारत के पूर्व सांस्कृतिक राजनयिक पद्मश्री बलवंत ठाकुर ने वीरवार को नागरिक सचिवालय में मुख्य सचिव से मुलाकात की और उन्हें सांस्कृतिक चिंताओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सांस्कृतिक नीति के अभाव में पूरा आंदोलन जर्जर स्थिति में है। जम्मू-कश्मीर की प्रमुख सांस्कृतिक संस्था दिशाहीन है। जातीय, पारंपरिक और लोक कला प्रथाएं विलुप्त होने के कगार पर हैं। संरक्षण और संवर्धन के लिए पहल नहीं की जा रही। विभिन्न कला विधाओं के महान उस्तादों को उपेक्षित कर दिया गया है। उन्होंने चिंता जताई कि वह समय दूर नहीं, जब जम्मू-कश्मीर सभी पारंपरिक कला रूपों और प्रथाओं से वंचित हो जाएगा।मुख्य सचिव से ज्वलंत सांस्कृतिक मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर संबोधित करने का आग्राह किया। साथ ही पुस्तक भेंट की, जो मॉरीशस में प्रकाशित हुई थी।
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बैठक में लोक निर्माण, जल शक्ति, यूईईडी और बिजली विकास के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने परियोजनाओं के सुचारू निष्पादन के लिए संपत्तियों को स्थानांतरित करने के समाधानों पर चर्चा की। पाइपलाइन बिछाने के लिए खुदाई, सड़क चौड़ीकरण के लिए बिजली के खंभों को स्थानांतरित करना सहित अन्य कार्य में आपसी तालमेल बनाए रखने पर जाेर दिया। उन्होंने कहा कि अंतर विभागीय समन्वय से ही जन कल्याण को प्राथमिकता मिलेगी। उपयोगिता स्थानांतरण में सभी महत्वपूर्ण अंतर विभागीय मुद्दों की एक सूची मांगी। इसका उद्देश्य अधिकारियों को मौजूदा बाधाओं की समग्र समझ से लैस करना है। यहां अधीक्षण अभियंता हाइड्रोलिक सर्किल जम्मू विवेक कोहली, एसई पीडब्ल्यूडी उत्तरी जुगल किशोर, एसई पीडब्ल्यूडी दक्षिण अश्वनी कुमार, कार्यकारी अभियंता पीएचई ग्रामीण आशीष खजूरिया व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। ब्यूरो
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मुख्य सचिव से मुलाकात में साझा की सांस्कृतिक चिंताएं
जम्मू। भारत के पूर्व सांस्कृतिक राजनयिक पद्मश्री बलवंत ठाकुर ने वीरवार को नागरिक सचिवालय में मुख्य सचिव से मुलाकात की और उन्हें सांस्कृतिक चिंताओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सांस्कृतिक नीति के अभाव में पूरा आंदोलन जर्जर स्थिति में है। जम्मू-कश्मीर की प्रमुख सांस्कृतिक संस्था दिशाहीन है। जातीय, पारंपरिक और लोक कला प्रथाएं विलुप्त होने के कगार पर हैं। संरक्षण और संवर्धन के लिए पहल नहीं की जा रही। विभिन्न कला विधाओं के महान उस्तादों को उपेक्षित कर दिया गया है। उन्होंने चिंता जताई कि वह समय दूर नहीं, जब जम्मू-कश्मीर सभी पारंपरिक कला रूपों और प्रथाओं से वंचित हो जाएगा।मुख्य सचिव से ज्वलंत सांस्कृतिक मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर संबोधित करने का आग्राह किया। साथ ही पुस्तक भेंट की, जो मॉरीशस में प्रकाशित हुई थी।
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