अपनी गाड़ी से आतंकियों को पहुंचाता था दविंदर सिंह, इस तरह पाकिस्तानी अधिकारी ले रहे थे सूचनाएं
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह और हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर सैयद नवीद मुश्ताक उर्फ नवीद बाबू समेत छह लोगों के खिलाफ आतंक फैलाने के मामले में आरोपपत्र दाखिल किया।
इसमें कहा गया है कि दविंदर सिंह दिल्ली में पाकिस्तानी दूतावास के चुनिंदा अधिकारियों से सोशल मीडिया के जरिये संपर्क में था। पाकिस्तानी अधिकारी संवेदनशील सूचनाएं लेने में उसका इस्तेमाल करते थे।
जम्मू स्थित एनआईए की स्पेशल कोर्ट में दाखिल आरोपपत्र में ओवर ग्राउंड वर्कर इरफान शफी मीर व रफी अहमद राथर, कारोबारी तनवीर अहमद वानी और नवीद बाबू के भाई सैयद इरफान अहमद का नाम भी शामिल है। कुलगाम जिले के काजीगुंड इलाके में 11 जनवरी को हिजबुल के कमांडर नवीद बाबू, रफी अहमद राथर, डिप्टी एसपी दविंदर सिंह व इरफान शफी मीर उर्फ एडवोकेट को गिरफ्तार किया गया था।
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गाड़ी से एक एके 47 राइफल, तीन पिस्टल, गोलियां और विस्फोटक बरामद किया गया था
ये सभी जम्मू की ओर आई-20 कार से आ रहे थे। गाड़ी एडवोकेट चला रहा था। तलाशी के दौरान गाड़ी से एक एके 47 राइफल, तीन पिस्टल, गोलियां और विस्फोटक बरामद किया गया था। एनआईए ने 17 जनवरी को मुकदमा कायम किया।
जांच के दौरान इन चारों आरोपियों से पूछताछ के बाद कश्मीर घाटी और जम्मू में 15 स्थानों पर छापामारी की गई। अलग-अलग दिन तीन अन्य आरोपी सैय्यद इरफान अहमद (नवीद का भाई), तनवीर अहमद वानी व तारिक अहमद मीर को गिरफ्तार किया गया। इन तीनों को हिजबुल मुजाहिदीन को फंड मुहैया कराने और हथियारों व विस्फोटकों की सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
जांच में पता चला कि फरवरी 2019 में नवीद बाबू को तत्कालीन डिप्टी एसपी दविंदर सिंह ने जम्मू में सुरक्षित पनाहगार उपलब्ध कराया। नवीद के साथ एडवोकेट और सैयद इरफान अहमद भी थे। दविंदर सिंह खुद के वाहन से हिजबुल आतंकियों को पहुंचाता था।
उसने हथियारों की खरीद में मदद का भी भरोसा दिलाया था। पाकिस्तान घाटी में लगातार आतंकी गतिविधियों के लिए हिजबुल मुजाहिदीन को पैसे, हथियार और अन्य सुविधाएं मुहैया करा रहा है। आरोप पत्र में कहा गया है कि तारिक अहमद मीर के खिलाफ जांच चल रही है।