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सूर्य पुत्री तवी में सूर्य के अर्घ्य देने उमड़ा छठ व्रतियों का हुजूम
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जम्मु में शनिवार को तवी िकनारे पर छठ पर्व पर पूजा करती महिलाए ।
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जम्मू। शहर में भी छठ पर्व आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। इस दौरान तवी नदी के किनारे विहंगम नजारा देखने को मिला। शनिवार को जहां डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया गया, वहीं, रविवार सुबह उगते सूर्य को व्रत करने वालों ने नमन किया। तवी नदी तट पर महाकाल नव युवक छठ पूजा सीमित की ओर से व्रत करने वालों के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे।
दीपावली के बाद छठ पर्व को लेकर शहर में तीन दिनों तक उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा। शनिवार को सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर व्रती पहुंचे। तवी नदी के तट पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने पूजा-अर्चना की। दोपहर बाद से ही लोगों का यहां पहुंचना शुरू हो गया था। इस दौरान मेले जैसा माहौल देखने को मिला। व्रत करने वालों ने अर्घ्य देने के साथ सुख समृद्धि की कामना की। इस बीच छठ पर्व से संबंधित लोक गीत माहौल को भक्तिमय बना रहे थे। तवी नदी के किनारे बच्चों ने आतिशबाजी भी खूब की। यूपी और बिहार में इस पर्व का खास महत्व है।
व्रतियों के लिए विशेष इंतजाम
महाकाल नव युवक छठ पूजा सीमित की ओर से हर वर्ष व्रतियों के लिए विशेष इंतजाम किया जाता है। समिति के अध्यक्ष राजन कुमार हिंदुस्तानी ने कहा कि पहले व्रतियाें को तवी नदी के बीच में जाकर अर्घ्य देना पड़ता था। इस दौरान उन्हें काफी परेशानी आती थी। नदी में पत्थर होने की वजह से बच्चों और बुजुर्गों को खासी दिक्कतें आती थीं। व्रत करने वालों को भी नदी में पत्थर पर चलना मुश्किल भरा था। इस बार तवी नदी के किनारे अर्घ्य देने की व्यवस्था की गई। इसके लिए फ्लड कंट्रोल विभाग ने तवी के तट के साथ नदी में किनारे खुदाई कर उसे गहरा बनाया, तकि लोग आसानी से पूजा-अर्चना करे सकें। राजन कुमार के अनुसार व्रत करने वालों के लिए समिति की ओर से चाय, बिस्कुट आदि की व्यवस्था की गई। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा छठ पर्व के महत्व से संबंधित बात को भी सुनाया गया।
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दीपावली के बाद छठ पर्व को लेकर शहर में तीन दिनों तक उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा। शनिवार को सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर व्रती पहुंचे। तवी नदी के तट पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने पूजा-अर्चना की। दोपहर बाद से ही लोगों का यहां पहुंचना शुरू हो गया था। इस दौरान मेले जैसा माहौल देखने को मिला। व्रत करने वालों ने अर्घ्य देने के साथ सुख समृद्धि की कामना की। इस बीच छठ पर्व से संबंधित लोक गीत माहौल को भक्तिमय बना रहे थे। तवी नदी के किनारे बच्चों ने आतिशबाजी भी खूब की। यूपी और बिहार में इस पर्व का खास महत्व है।
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व्रतियों के लिए विशेष इंतजाम
महाकाल नव युवक छठ पूजा सीमित की ओर से हर वर्ष व्रतियों के लिए विशेष इंतजाम किया जाता है। समिति के अध्यक्ष राजन कुमार हिंदुस्तानी ने कहा कि पहले व्रतियाें को तवी नदी के बीच में जाकर अर्घ्य देना पड़ता था। इस दौरान उन्हें काफी परेशानी आती थी। नदी में पत्थर होने की वजह से बच्चों और बुजुर्गों को खासी दिक्कतें आती थीं। व्रत करने वालों को भी नदी में पत्थर पर चलना मुश्किल भरा था। इस बार तवी नदी के किनारे अर्घ्य देने की व्यवस्था की गई। इसके लिए फ्लड कंट्रोल विभाग ने तवी के तट के साथ नदी में किनारे खुदाई कर उसे गहरा बनाया, तकि लोग आसानी से पूजा-अर्चना करे सकें। राजन कुमार के अनुसार व्रत करने वालों के लिए समिति की ओर से चाय, बिस्कुट आदि की व्यवस्था की गई। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा छठ पर्व के महत्व से संबंधित बात को भी सुनाया गया।
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