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चाढ़क बिरादरी ने शुरू किया सदस्यता अभियान
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सांबा। चाढ़क बिरादरी के सदस्यों ने सदस्यता अभियान आरंभ करते हुए लोअर जल्लो चक में रविवार को बैठक की। इसका आयोजन पूर्व सरपंच यशपाल सिंह व सेवानिवृत्त कप्तान रणजीत सिंह ने किया। बिरादरी संघ की ओर से राकेश चाढ़क (अध्यक्ष) अशोक चाढ़क (महासचिव) ने बिरादरी की कार्यशैली सहित सदस्यता प्रक्रिया की जानकारी देने सहित चाढ़क वंश संबंधी बताया कि जंबुलोचन वंशज चाढ़क वंश की स्थापना एक हजार छह सौ पचास वर्ष पूर्व राजा सूरज हंस के पुत्र सोजलधर के वंश से हुई थी।
बैठक में पंद्रह बिरादरीजनों ने आजीवन सदस्यता ग्रहण की। बैठक के बाद बिरादरी के लोगों में चुनाव की उम्मीद जगी। चाढ़क वंश राजवंश से जुड़ा है। इस जाति के आजादी पूर्व 84 गांव थे। आजादी के बाद पहले मनोनीत सांसद जगमोहन सिंह चाढ़क रहे। राजपूत सभा में भी चाढ़क प्रतिनिधियों ने 20 वर्ष अमर क्षत्रिय राजपूत सभा का प्रतिनिधित्व किया है। इनमें ठाकुर लक्ष्मण सिंह, ठाकुर वचित्र सिंह, ठाकुर गुलचैन सिंह तीन अध्यक्ष रहे हैं।
उपस्थित बुुद्धिजीवियों में यशपाल सिंह, बलदेव सिंह, रंगील सिंह, बुदी सिंह, फलेल सिंह, गुलशन सिंह (जो करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष भी हैं) कुलदीप सिंह, वरिंदर सिंह, गजे सिंह आदि शामिल रहे। स्वर्ण सिंह (वरिष्ठ उपाध्यक्ष) शाम सिंह (वित्त सचिव) सहित जगदेव सिंह, केहर सिंह, शनकार सिंह ने भाग लिया।
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बैठक में पंद्रह बिरादरीजनों ने आजीवन सदस्यता ग्रहण की। बैठक के बाद बिरादरी के लोगों में चुनाव की उम्मीद जगी। चाढ़क वंश राजवंश से जुड़ा है। इस जाति के आजादी पूर्व 84 गांव थे। आजादी के बाद पहले मनोनीत सांसद जगमोहन सिंह चाढ़क रहे। राजपूत सभा में भी चाढ़क प्रतिनिधियों ने 20 वर्ष अमर क्षत्रिय राजपूत सभा का प्रतिनिधित्व किया है। इनमें ठाकुर लक्ष्मण सिंह, ठाकुर वचित्र सिंह, ठाकुर गुलचैन सिंह तीन अध्यक्ष रहे हैं।
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उपस्थित बुुद्धिजीवियों में यशपाल सिंह, बलदेव सिंह, रंगील सिंह, बुदी सिंह, फलेल सिंह, गुलशन सिंह (जो करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष भी हैं) कुलदीप सिंह, वरिंदर सिंह, गजे सिंह आदि शामिल रहे। स्वर्ण सिंह (वरिष्ठ उपाध्यक्ष) शाम सिंह (वित्त सचिव) सहित जगदेव सिंह, केहर सिंह, शनकार सिंह ने भाग लिया।
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