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तम्देह पर्व एवं आषाढ़ संक्रांति आज

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सांबा। कोरोना महामारी ने धार्मिक त्योहारों पर भी ग्रहण लगा दिया है। डुग्गर प्रदेश जम्मू-कश्मीर में विशेष महत्व रखने वाला (तम्देह) पर्व पर जगह-जगह ठंडे मीठे पानी के स्टाल लगाए जाते थे। क ई क्षेत्रों में दुकानदारों की ओर से पूरी चना के साथ अन्य खानपान की वस्तुओं के स्टाल लगाए जाते थे। एक दिन पहले लोग बर्तन की खरीदारी करते थे। जो अपने पित्रों के नाम पर दान करते थे।
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सोमवार को कई स्थानों पर बर्तन की दुकानें बंद होने पर लोगों को परेशानी बनी रही। ज्योतिष डॉ. खेमराज शर्मा ने बताया कि मंगलवार को आषाढ़ संक्रांति के दिन पारंपरिक रीति रिवाजों व श्रद्धाभाव से तम्देह पर्व मनाया जाएगा। इस दिन लोग अपने पित्रों के लिए दान करते हैं। भोजन खिलाया जाता है। डुग्गर प्रदेश में तम्देह पर्व एवं आषाढ़ संक्रांति का बड़ा महत्व है। सूर्य देव आषाढ़ माह में सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करते हैं। उसके बाद आषाढ़ महीना प्रारंभ हो जाता है। इस दिन पवित्र नदियों, सरोवर में स्नान एवं दान-पुण्य के लिए अच्छा माना गया है। कोरोना के चलते घर में ही पानी में गंगा जल डालकर स्नान करें। इस दिन लोग विवाहित बेटियों, कुल पुरोहित एवं ब्राह्माणों को भोजन, आम, खरबूजे, वस्त्र, पानी का भरा घड़ा, दक्षिण सहित यथाशक्ति दान करते हैं।
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आषाढ़ संक्रांति आज, सुबह छह बजे आरंभ होगी
सामर्थ्य और श्रद्धा के साथ करें दान पुण्य
अरनिया। संक्रांति व तमदेह का पर्व स्नान और पुण्य काल मंगलवार सुबह छह बजे आरंभ होगा। जो दोपहर 12:24 तक रहेगा। इसकी जानकारी पंडित सोनू ने दी। उन्होंने बताया कि डुग्गर प्रदेश में विशेष महत्व रखने वाला तमदेह पर्व मंगलवार को आषाढ़ संक्रांति के दिन मनाया जाएगा। डुग्गर प्रदेश में यह पर्व एवं आषाढ़ संक्रांति का बहुत महत्व है।
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सूर्य देव 15 जून को मिथुन राशि में सुबह छह बजे प्रवेश करेंगे। आषाढ़ माह में सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करते हैं। सूर्य का मिथुन राशि में प्रवेश, संक्रांति एवं आषाढ़ माह प्रारंभ, आषाढ़ संक्रांति का पुण्यकाल दोपहर 12:24 मिनट तक रहेगा। आषाढ़ मास के दिन पवित्र नदियों, सरोवरों में स्नान एवं दान-पुण्य किया जाता है। इस दिन लोग विवाहित बेटियों, कुल पुरोहित एवं ब्राह्माणों को भोजन, छाता, खड़ाऊ, आंवले, आम, खरबूजा, वस्त्र, पानी का भरा घड़ा, पंखा, मिष्ठान, दक्षिणा सहित यथाशक्ति दान कर एक समय भोजन करना चाहिए। आषाढ़ संक्रांति तमदेह के दिन किया गया दान अन्य शुभ दिनों की तुलना में दस गुना अधिक पुण्य होता है। इस दिन जरूरतमंदों को भी दान देना चाहिए।
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