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घराना वेटलैंड के भूमि की गई तारबंदी का मामला
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आरएस पुरा। सीमावर्ती गांव घराना वेटलैंड के भूमि की तारबंदी शुक्रवार को सुरक्षा के कड़े पहरे में रही। इसकी देखभाल के लिए जहां वन्य जीव विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं पुलिस के तीन जवानों की भी तैनाती रही। दूसरी तरफ मामले में किसानों की 408 कनाल 17 मरले भूमि पर तारबंदी करने पर किसानों ने इसके समाधान के लिए मंडलायुक्त डॉ. राघव लंगर से मिलकर इंसाफ की गुहार लगाई। मंडलायुक्त से मिलने वालों में सुचेतगढ़ डीडीसी सदस्य तरणजीत सिंह टोनी, पंचायत के सरपंच सहित अन्य प्रतिनिधियों सहित कई किसान शामिल रहे।
तरणजीत सिंह टोनी ने बताया मंडलायुक्त से उनकी बातचीत ठीक रही। उन्होंने आश्वासन दिया कि सोमवार को वह जिलाधीश जम्मू के साथ घराना गांव में पहुंच मौका देखने के लिए आएंगे। टोनी ने कहा कि ज्ञापनपत्र देने के साथ घराना के किसानों को चकरोई फार्म में भूमि मुहैया कराए जाने के लोगों के मकान आने पर राहत राशि मुहैया कराई जाए, ताकि किसान अपने परिवार का पालन पोषण कर सकें। उन्होंने कहा कि गांव के अधिकतर किसान स्थानीय हैं और उनके पूर्वज कई वर्ष से उक्त स्थान की कृषि योग्य भूमि पर खेतीबाड़ी कर रहे हैं। इसका उनके पास मालिकाना हक है। आरएस पुरा प्रशासन की ओर से भूमि को कागजों में सरकारी बना दिया गया है, जो ठीक नहीं है।
सरपंच गुरदयाल सिंह ने कहा कि मामला न्यायालय में होने पर प्रशासन को इंतजार करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा जबरदस्ती तारबंदी करने पर किसानों द्वारा खेतों में लगाई गेहूं की फसल नष्ट की गई। बेघर होने वाले किसानों के परिवार के लोगों को सरकारी नौकरी देने के साथ वेटलैंड में आई भूमि का उचित मुुआवजा दिया जाना चाहिए। पहले से किसान वर्ग के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब उनकी जमीन वेटलैंड में आने पर उनके पास रोजी रोटी का साधन नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि मंडलायुक्त के साथ गुरमीत सिंह बाजवा सहित किसानों ने जानकारी दी। भूमि के लिए उचित मुआवजे की मांग करने पर अच्छी बातचीत हुई और उन्हें आश्वासन दिया कि संबंधित सभी मामले का समाधान किया जाएगा।
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इस दौरान बिशन लाल, नंबरदार के साथ पंचा देवराज, लकी राम भी उपस्थित रहे।
वहीं देर रात आरएस पुरा पुलिस द्वारा हिरासत में लिए किसानों को जमानत के आधार पर छोड़ दिया गया। दूसरी ओर अब घराना वेटलैंड में पहुंचे प्रवासी पक्षी भी काफी कम संख्या में तालाब में पहुंच रहे हैं। वीरवार को तालाब के पास काफी संख्या में पहुंची पुलिस व ग्रामीणों का जमघट के बाद प्रवासी पक्षी तालाब से दूरी बना रहे हैं।
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तरणजीत सिंह टोनी ने बताया मंडलायुक्त से उनकी बातचीत ठीक रही। उन्होंने आश्वासन दिया कि सोमवार को वह जिलाधीश जम्मू के साथ घराना गांव में पहुंच मौका देखने के लिए आएंगे। टोनी ने कहा कि ज्ञापनपत्र देने के साथ घराना के किसानों को चकरोई फार्म में भूमि मुहैया कराए जाने के लोगों के मकान आने पर राहत राशि मुहैया कराई जाए, ताकि किसान अपने परिवार का पालन पोषण कर सकें। उन्होंने कहा कि गांव के अधिकतर किसान स्थानीय हैं और उनके पूर्वज कई वर्ष से उक्त स्थान की कृषि योग्य भूमि पर खेतीबाड़ी कर रहे हैं। इसका उनके पास मालिकाना हक है। आरएस पुरा प्रशासन की ओर से भूमि को कागजों में सरकारी बना दिया गया है, जो ठीक नहीं है।
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सरपंच गुरदयाल सिंह ने कहा कि मामला न्यायालय में होने पर प्रशासन को इंतजार करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा जबरदस्ती तारबंदी करने पर किसानों द्वारा खेतों में लगाई गेहूं की फसल नष्ट की गई। बेघर होने वाले किसानों के परिवार के लोगों को सरकारी नौकरी देने के साथ वेटलैंड में आई भूमि का उचित मुुआवजा दिया जाना चाहिए। पहले से किसान वर्ग के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब उनकी जमीन वेटलैंड में आने पर उनके पास रोजी रोटी का साधन नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि मंडलायुक्त के साथ गुरमीत सिंह बाजवा सहित किसानों ने जानकारी दी। भूमि के लिए उचित मुआवजे की मांग करने पर अच्छी बातचीत हुई और उन्हें आश्वासन दिया कि संबंधित सभी मामले का समाधान किया जाएगा।
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इस दौरान बिशन लाल, नंबरदार के साथ पंचा देवराज, लकी राम भी उपस्थित रहे।
वहीं देर रात आरएस पुरा पुलिस द्वारा हिरासत में लिए किसानों को जमानत के आधार पर छोड़ दिया गया। दूसरी ओर अब घराना वेटलैंड में पहुंचे प्रवासी पक्षी भी काफी कम संख्या में तालाब में पहुंच रहे हैं। वीरवार को तालाब के पास काफी संख्या में पहुंची पुलिस व ग्रामीणों का जमघट के बाद प्रवासी पक्षी तालाब से दूरी बना रहे हैं।