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त्योहारों पर बधाई संदेश भेजने का आधुनिक व हाईटेक हो गया
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आरएस पुरा। आधुनिकता की दौड़ व पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव की चमक-धमक के चलते विभिन्न पर्वों व त्योहारों पर बधाई संदेश देने का सिलसिला आधुनिक व हाईटेक हो गया है। एक समय था जब लोग रिश्तेदारों व मित्रों को ग्रीटिंग कार्ड के जरिये बधाई संदेश देते थे।
महीनों पहले दुकानों में ग्रीटिंग कार्ड सज जाते थे। अब लोगों ने बधाई संदेश भेजने का तरीका बदल लिया है। सोशल नेटवर्किग साइट्स ही अब संदेश भेजने का माध्यम बन गया है। फेसबुक, ट्वीटर, वाट्सएप जैसी साइटों से बधाई संदेश भेजे जा रहे हैं। यही वजह है कि त्यौहारों पर साइबर कैफे आदि पर युवाओं की भीड़ भी होनी शुरू हो गई है। सीमावर्ती गांव सीर की ज्योती देवी का कहना है कि फेसबुक, ट्वीटर, व्हाटसएप एक ऐसा साधन है कि पल भर में संदेश भेजा जा सकता है। पहले रिश्तेदारों को ग्रीटिंगकार्ड भेजा जाता था। उन्होंने कहा कि आज घर बैठे ही मित्र को बधाई संदेश भेजा जा सकता है। अनिकेत डोगरा का कहना है कि विदेश में रहने वाले रिश्तेदारों को वाट्सएप संदेश भेजना सबसे बेहतर होने पर अधिकतर लोग इसका प्रयोग करते हैं। रुचि डोगरा का कहना है कि पहले मायके सहित अन्य सगे- संबंधियों को त्योहारों पर ग्रीटिंगकार्ड भेजती थीं। अब वर्षों से वाट्सएप से संदेश भेजना ही बेहतर हो गया है।
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महीनों पहले दुकानों में ग्रीटिंग कार्ड सज जाते थे। अब लोगों ने बधाई संदेश भेजने का तरीका बदल लिया है। सोशल नेटवर्किग साइट्स ही अब संदेश भेजने का माध्यम बन गया है। फेसबुक, ट्वीटर, वाट्सएप जैसी साइटों से बधाई संदेश भेजे जा रहे हैं। यही वजह है कि त्यौहारों पर साइबर कैफे आदि पर युवाओं की भीड़ भी होनी शुरू हो गई है। सीमावर्ती गांव सीर की ज्योती देवी का कहना है कि फेसबुक, ट्वीटर, व्हाटसएप एक ऐसा साधन है कि पल भर में संदेश भेजा जा सकता है। पहले रिश्तेदारों को ग्रीटिंगकार्ड भेजा जाता था। उन्होंने कहा कि आज घर बैठे ही मित्र को बधाई संदेश भेजा जा सकता है। अनिकेत डोगरा का कहना है कि विदेश में रहने वाले रिश्तेदारों को वाट्सएप संदेश भेजना सबसे बेहतर होने पर अधिकतर लोग इसका प्रयोग करते हैं। रुचि डोगरा का कहना है कि पहले मायके सहित अन्य सगे- संबंधियों को त्योहारों पर ग्रीटिंगकार्ड भेजती थीं। अब वर्षों से वाट्सएप से संदेश भेजना ही बेहतर हो गया है।
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